यात्री ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे लगातार काम कर रही है। भारतीय रेलवे के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स ने एयरोडायनेमिक डिजाइन वाला WAP-5 पैसेंजर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन बनाया है। इसपर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यात्री ट्रेनों की स्पीड बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटा की जाएगी।
इंजन की खास बातें
पहले बैच के तहत दो इंजन तैयार किए गए हैं, जिनके नंबर हैं- 35012 और 35013। इस इंजन में तेज रफ्तार में भी एयर ड्रेग्स कम होंगे। साथ ही यह पैसेंजर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (PEL) एनर्जी एफिसिएंट और डायनेमिक्ली स्टेबल है। इनकी क्षमता 6000 हॉर्सपॉवर होगी, जिससे यह 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम होंगे। इसके साथ ही ये लोकोमोटिव आईजीबीटी आधारित पर्पल्सन सिस्टम से लैस होंगे और प्रीमियम पैसेंजर ट्रेनों में पुश-पुल मोड पर काम करेंगे।
इन रूट्स पर चलेगी ये ट्रेन
रेलवे की ओर से पहले ही ऐलान हो चुका है कि दिल्ली-कोलकाता और दिल्ली-मुंबई रूट्स पर ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। इन रूट्स पर रेलवे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) भी बना रहा है, जिसका काम मार्च 2022 तक पूरा हो जाएगा। इससे ट्रेनों के लिए ट्रैक खाली मिल सकेगा।
डिब्बों व पैंट्री कार में बिजली की आपूर्ति के लिए हुआ काम
ट्रेन के डिब्बों व पैंट्री कार में बिजली की आपूर्ति के लिए इंजन में कंपोजिट कंवर्टर्स उपलब्ध कराया गया है। ताकि ट्रेनों में अतिरिक्त डीजल पॉवर जेनेरेटर कार लगाने की आवश्यकता ना पड़े। इसके अतिरिक्त ड्राइवरों की सहूलियत को ध्यान में रखकर कई जरूरी बदलाव भी किए गए हैं। सीएलडब्ल्यू ने अनुसार, ये इंजन शोर मुक्त, प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल हैं। साथ ही इन इंजनों के इस्तेमाल से ऊर्जा संरक्षण भी किया जाएगा।