कोरोना वायरस महामारी के चलते नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भारत में शेड्यूल अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों की आवाजाही पर 30 जून 2021 तक प्रतिबंध लगाया है। लेकिन आज से जर्मनी और भारत के बीच दोबारा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो रही हैं। जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा ने इसकी घोषणा की।
लुफ्थांसा एयरलाइंस ने कहा कि वे पूरे जून में 10 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करेगी। ये नॉन स्टॉप अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हैं। कोई दूसरा क्रू नहीं होगा। यात्री जर्मनी से दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू तक उड़ान ले सकेंगे। कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर कुछ समय पहले कई देशों ने उड़ानों के संचालन पर रोक लगा दी थी।
नीदरलैंड ने भी हटाया प्रतिबंध
मालूम हो कि मंगलवार को नीदरलैंड ने भारत से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों को बहाल करने की मंजूरी दी थी। डच सरकार के मुताबिक, भारत से यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध जो 20 अप्रैल 2021 को लागू हुआ था, एक जून 2021 से हटा लिया गया है।
देशभर में 23 मार्च, 2020 से लॉकडाउन लागू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री उड़ानें निलंबित हैं। लेकिन मई 2020 से विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानें वंदे भारत मिशन के तहत उड़ रही हैं। विदेश में फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए वंदे भारत मिशन चलाया गया और कई देशों के साथ एयर बबल करार भी किया गया।
कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगेगा जुर्माना
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा है कि सभी हवाई अड्डे के परिचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हवाई अड्डे पर और यात्रा के दौरान लोगों ने मास्क सही तरीके से पहना है या नहीं। साथ ही हवाई अड्डे के परिसर में सुरक्षित शारीरिक दूरी भी बनाए रखनी होगी। डीजीसीए ने एयरलाइंस को अचानक जांच करने का निर्देश भी दिया। अगर एयरलाइंस विमान के अंदर नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं करा पाती हैं, तो उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं मानता है तो उसके साथ 'अनियंत्रित यात्री' जैसा व्यवहार किया जाएगा।