अमेरिका-इस्राइल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति बाधित होने के हालात बने हैं। हालांकि, सरकार ने घरेलू इस्तेमाल की गैस की आपूर्ति हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कर्मर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो आपूर्ति में रुकावट की खबरें आ रही है। इसका असर मुंबई सहित कई राज्यों के होटल उद्योगों पर पड़ रहा है। मुंबई में मंझोले और छोटे आकार के 20 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो गए हैं और होटल उद्योग ने कहा है यदि आपूर्ति बाधित रही तो दो दिन भीतर 50 प्रतिशत तक रेस्टोरेंट और होटल जल्द ही बंद हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और नागपुर जैसे शहरों से गंभीर कमी की रिपोर्ट मिल रही है, जबकि दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के राज्यां में भी आपूर्ति में समस्या आ रही है। यदि अगले दो दिनों में हालात नहीं सुधरे और आपूर्ति की कमी बनी रही तो मुंबई के 50 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट के पास मौजूदा सिलेंडर के स्टॉक के आधार पर काम बंद हो जाएगा। भारत हर साल लगभग 13.3 मिलियन टन एलपीजी का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें लगभग 62 प्रतिशत आयात होता है। आयात का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है। जो पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से बाधित है।
मुंबई में लगभग 10000 रेस्तरां हैं, जिनमें चार लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। रेस्टोरेंट मालिकों का प्रतिनिधित्व करने वाली भारतीय होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के एक सदस्य ने बताया कि मुंबई में लगभग 10,000 से अधिक रेस्टोरेंट और होटल हैं। इनमें चार लाख से अधिक लोग काम करते हैं। वर्तमान में वे होटल और रेस्तरां जो छोटे और मध्यम आकार के हैं और जिनका सिलेंडर का स्टॉक अधिक नहीं है, लगभग 20 परसेंट (लगभग 2,000 जगहें) पहले ही कुछ समय के लिए बंद हो चुकी हैं। लेकिन तीन और चार सितारा रेस्तरां और होटल ये अपना स्टॉक अधिक रखते हैं, इसलिए अभी इनके सामने समस्या नहीं है। लेकिन जल्द ही यानी अगले हफ्ते में यह भी होटल और रेस्तरां बंद हो जाएंगे।
वी हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष कमलेश बारोट बताते हैं, एक आम रेस्तरां को रोजाना तीन से चार एलपीजी सिलेंडर की जरूरत होती है और वह आमतौर पर लगभग चार दिनों के लिए काफी स्टॉक रख सकता है। रेस्टोरेंट को एलपीजी सिलेंडर कमर्शियल रेट पर मिलते हैं, अभी 19 kg के सिलेंडर के लिए लगभग 1,840 रुपये पर मिलते हैं। इस बीच, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग भी शुरू हो गई हैं, कुछ वेंडर प्रति सिलेंडर लगभग 3,000 रुपये चार्ज कर रहे हैं, जबकि कई मामलों में तो रेस्तरां कथित तौर पर प्रति सिलेंडर 6,000 रुपये तक का भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम अपने मेन्यू को छोटा करेंगे क्योंकि इस संकट का सामना करना चुनौतीपूर्ण है। कुछ नए तरीकों से थोड़ी राहत मिल सकती है। जिसमें इंडक्शन कुकिंग शायद ही कोई ऑप्शन है क्योंकि इसकी कैपेसिटी लिमिटेड है, और हमें बैच में खाना बनाना पड़ सकता है।
मुंबई में होटल और रेस्तरां पर विश्लेषण करने वाले विमल ठाकुर बताते हैं, मुंबई घूमने के लिए लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं, जिनमें देश ही नहीं विदेशों से भी रोजना पर्यटक मुंबई आते हैं। इनमें से सभी पांच या तीन सितारा होटल में नहीं ठहरते हैं, सभी तरह के पर्यटक यहां आते हैं। ऐसे में पर्यटन उद्योग प्रभावित होगा। क्योंकि खाने-पीने के लिए वे इन छोटे होटल और रेस्टोरेंट पर ही निर्भर करते हैं। मेरा मानना है कि सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से सबसे पहले असर छोटे और मीडियम साइज के खाने-पीने की जगहों पर पड़ेगा। क्योंकि वे सामान्य रूप से कम ही स्टॉक रखते हैं।
वे कहते हैं इसका असर मुंबई के कॉपोरेट जगत पर भी देखा जा सकेगा, क्योंकि यहां पर अधिकतर ऑफिस वाले कर्मचारी भी अपने आसपास के छोटे और मीडियम साइज के खाने-पीने की जगहों पर अधिक निर्भर करते हैं। विमल कहते हैं, मुंबई जैसे महानगर में 60 प्रतिशत से अधिक लोग बाहर से आकर नौकरी करते हैं, या मजदूरी करते हैं, उनको भी इसकी वजह से परेशानी होगी।