देश के सबसे बड़े आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। दीपम की ओर से इसे लॉन्च करने को लेकर आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी कंपनी एलआईसी का आईपीओ चार मई को खुलेगा और नौ मई को बंद होगा। इसके अलावा ये बाजार में 17 मई को लिस्ट हो सकता है।
दीपम सचिव ने किया एलान
तुहिन कांत पांडे ने बताया कि एलआईसी आईपीओ के लिए प्रति शेयर 902 रुपये से 949 रुपये पर प्राइस बैंड निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि हम इसे एलआईसी 3.0 चरण कहेंगे। गौरतलब है कि एलआईसी की इस आईपीओ के लिए करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इसके जरिए सरकार एलआईसी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। यहां बता दें कि पहले इसका आकार 65 हजार करोड़ रुपये रखने का निर्णय किया गया था, जिसे अब बदल दिया गया है।
एंकर निवेशकों के लिए दो मई को खुलेगा
दीपम सचिव ने आईपीओ को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि एलआईसी के आईपीओ से सरकार 20,557 करोड़ रुपये जुटाएगी। सब्सक्रिप्शन के लिए यह इश्यू 9 मई 2022 तक खुला रहेगा। आईपीओ 22.13 करोड़ शेयरों की बिक्री के लिए एक शुद्ध पेशकश होगी। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि एंकर निवेशकों के लिए यह मेगा आईपीओ दो मई को खोल दिया जाएगा।
कर्मचारियों-पॉलिसीधारों को इतनी छूट
उन्होंने कहा कि पहले सामने आए भू-राजनैतिक हालातों के लगे अस्थायी झटकों से अब बाजार उबर गया है। पांडे ने कहा कि रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों समेत एलआईसी पॉलिसीधारकों के लिए छूट का प्रावधान किया गया है। आईपीओ में रिटेल निवेशकों और पात्र कर्मचारियों को 45 रुपये प्रति शेयर की छूट मिलेगी, जबकि पॉलिसीधारकों को 60 रुपये प्रति शेयर की छूट दिए जाने का फैसला किया गया है। इश्यू के लिए बिड लॉट 15 तय किया गया है।
पूरी तरह ऑफर फॉर सेल
तुहिन कांत पांडे ने कहा कि कैपिटल मार्केट के प्रतिकूल हालात के मद्देनजर एलआईसी आईपीओ का आकार बिल्कुल सही है। इससे कैपिटल की कमी नहीं होगी और मॉनेटरी सप्लाई भी बाधित नहीं होगी। गौरतलब है कि एलआईसी आईपीओ पूरी तरह से ऑफर ऑन सेल होगा। कंपनी इसके जरिए एंकर निवेशकों के लिए 5.929 करोड़ शेयर जारी करेगी। कर्मचारियों के लिए 15.8 करोड़ शेयर और पॉलिसीधारकों के लिए 2.214 करोड़ शेयर रिजर्व रखे गए हैं। इसके अलावा क्यूआईबी के लिए 9.883 शेयर निर्धारित किए गए हैं।
प
हले सरकार की ये थी योजना
बता दें कि एलआईसी आईपीओ को लेकर पहले सरकार की योजना पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचने की थी। इसके तहत कंपनी 31.6 करोड़ शेयर जारी करने वाली थी। लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बाजार में आई उथ्ल-पुथल के मद्देनजर इसका आकार छोटा कर दिया गया। आपको बता दें कि भले ही सरकार ने आईपीओ का आकार 65 हजार करोड़ रुपये से घटाकर 21 हजार करोड़ रुपये कर दिया है, लेकिन फिर भी ये सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
एलआईसी में सरकार की 100% हिस्सेदारी
गौरतलब है कि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। यानी सरकार के पास कंपनी के 632.49 करोड़ शेयर हैं। यहां बता दें कि इससे पहले कंपनी ने जो योजना बनाई थी, उसके मुताबिक, पॉलिसीधारकों के लिए आईपीओ के इश्यू साइज में 10 फीसदी, जबकि कर्मचारियों के लिए पांच फीसदी का हिस्सा निर्धारित किया गया था।