सीपीआई के सांसद बिनॉय विश्वम ने नागरिक उड्यन मंत्री ज्यतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर पिछले कुछ हफ्तों के दौरान विमान सेवाओं के दौरान खराबी की खबरों और विमान सेवाओं के परिचालन के खराब सुरक्षा इंतजामों पर चिंता जाहिर की है।
आपको बता दें कि डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) ने बीते बुधवार (6 जुलाई) को स्पाइसजेट एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 18 दिनों में कंपनी की उड़ान सेवाओं में 8 बार तकनीकी खराबी आने की घटनाओं के बाद कंपनी से जवाब मांगा गया है। बीते मंगलवार को स्पाइसजेट के अलावे विस्तारा और इंडिगों की उड़ानों के दौरान भी तकनीकी खराबी की खबरें आई थी।
सीपीआई सांसद विश्वम ने केंद्रीय मंत्री ज्यातिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर कहा है कि देश में एयरलाइन कंपनियों की व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए। यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
सीपीआई नेता ने यह भी कहा है कि पिछले कुछ दिनों में विमानों में तकनीकी खराबी और इमरजेंसी लैंडिंग की एक के बाद एक कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अलग-अलग एयरलाइनों के हवा में विमानों के होने के दौरान तकनीकी खराबी के 21 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से दस मामले सिर्फ पिछले महीने के हैं। इन मामलों में उड़ान के दौरान विमान में एसी काम नहीं करने जैसे वारदात भी हो चुके हैं जिनमें यात्रियों की सफोकेशन के कारण तबीयत तक खराब हो चुकी है। ऐसी घटनाएं अक्षम्य हैं और पहले से जिस देश में हवाई सेवाओं के प्रति लोग आशंकित रहते हैं वहां के लोगों के बीच ऐसी घटनाएं और तनाव पैदा करती है।
सीपीआई नेता ने नागर विमानन मंत्री सिंधिया को भेजे अपने पत्र में यह भी लिखा है कि हमारे देश में महज 4 प्रतिशत लोग ही हवाई सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। हवाई टिकट कंजम्पशन के मामले में हमारा देश अफ्रीकी देशों के समकक्ष खड़ा हैं। ऐसे में, विमानों की सुरक्षा से जुड़ी इस तरह की घटनाएं और चिंता पैदा करती है।
सीपीआई नेता ये यह भी कहा है कि हवाई जहाज के ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण एयरलाइनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है, ऐसे में इस बात की भी आशंका है कि उनकी ओर से सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है। इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की है कि देश की एयरलाइन कंपनियों की गहराई से ऑडिट और रिव्यू की जानी चाहिए। यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।