बैंकों को करोड़ों का चूना लगाने वाले 'भगोड़े' विजय माल्या की कुर्क संपत्ति पर कोई हाथ नहीं डाल रहा है। खदीददारों को संपत्ति को लेकर भविष्य की संभावित मुकदमेबाजी की आशंकाएं सता रही हैं। कुर्क संपत्ति की नीलामी की कई कोशिशें की जा चुकी हैं, लेकिन वे नाकाम साबित हुईं। खरीददार ही नहीं मिल रहे हैं। माल्या को कर्ज देने वाले संस्थान बेसब्री से नीलामी के इंतजार में हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने बताया कि मामला हाईप्रोफाइल है, एक ही संपत्ति पर कई दावे हैं, इसीलिए भविष्य की कानूनी झंझटों से बचने के लिए खरीददार संकोच कर रहे हैं।
संपत्ति पर दावों की भी सही जानकारी न मिलने से भी खरीरदार दूरी बनाए हुए हैं। कई बैंक माल्या को दी गई लोन के लिए डिफॉल्ट कर चुके हैं। माल्या का संपत्ति में रियल एस्टेट, बंगले और महंगी कारें हैं।
नीलामी के लिए संपत्ति के रिजर्व प्राइस भी घटाए गए। मुंबई स्थित माल्या के बहुमंजिला किंगफिशर हाउस को बेचने की मार्च के महीने में नाकाम और चौथी कोशिश की गई। रिजर्व प्राइस घटाकर 103.5 करोड़ रुपये रखा गया, लेकिन नतीजा सिफर निकला। इसी संपत्ति का पिछले साल दिसंबर में रिजर्व प्राइस 115 करोड़ रुपये रखा गया था। गोवा स्थित किंगफिशर विला को भी खरीददार नहीं मिले। इसका रिजर्व प्राइस भी 10 पर्सेंट घटाकर 73 करोड़ रुपये किया गया था।