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नई व्यवस्था: केवाईसी डाटा का अब नहीं होगा दुरुपयोग, बढ़ेगी सुरक्षा

Mon, 23 Dec 2024 05:32 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

अपने ग्राहक को जानें यानी केवाईसी। यह एक ऐसा कागजात होता है, जिसकी अमूमन दुरुपयोग की खबरें आती रहती हैं। लेकिन नए साल से अब इस तरह की जालसाजी से सुरक्षा मिलेगी। इससे जुड़ा पूरा मामला बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-
 
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KYC केवाईसी new - फोटो : istock
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विस्तार
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अपने ग्राहक को जानें यानी केवाईसी। यह एक ऐसा कागजात होता है, जिसकी अमूमन दुरुपयोग की खबरें आती रहती हैं। लेकिन नए साल से अब इस तरह की जालसाजी से सुरक्षा मिलेगी। इससे जुड़ा पूरा मामला बताती
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सरकार लगातार बढ़ रहे केवाईसी डाटा के दुरुपयोग को रोकना चाहती है। इसके लिए सेंट्रल नो योर कस्टमर (सीकेवाईसी) के साथ डाटा सुरक्षा के संबंध में कई उपाय प्रस्तावित किए हैं। इसमें दो प्रमुख उपाय हैं।

पहला केवाईसी पहचानकर्ता विवरण
इसमें पैन, आधार, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस आदि आते हैं। दूसरा...यूनिक आईपी एड्रेस। इन दोनों के जरिये आपके सारे विवरण को छुपा कर रखा जाएगा। पहले आपके सारे विवरण कोई भी मध्यस्थ देख या खोज लेता था। अब ऐसा संभव नहीं होगा।
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20 जनवरी से लागू होगी नई व्यवस्था
बैंकों, वित्तीय संस्थानों, अनिवार्य रूप से विनियमित संस्थाओं (आरई) ने सरकार द्वारा इन उपायों को बहुत तेजी से लागू करने पर चिंता व्यक्त की है और समय सीमा बढ़ाने की अपील की है। इसलिए, सीकेवाईसी ने केवाईसी पहचानकर्ता दस्तावेजों को छिपाने की समय सीमा 16 दिसंबर, 2024 से बढ़ाकर 20 जनवरी, 2025 कर दी है।

इस नई व्यवस्था के तहत केवाईसी जैसे आधार, पैन, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस आदि के अंतिम चार अंक ही संबंधित संस्थान देख पाएगा। बाकी के सारे अंक छुपे रहेंगे।

दो तरीकों से छिपाई जाएगी आपकी जानकारी
केंद्रीय केवाईसी ग्राहक रिकॉर्ड रजिस्ट्री (सीकेवाईसीआर) दो तरीकों से ग्राहकों की डाटा सुरक्षा व गोपनीयता में सुधार करने की कोशिश कर रही है।
  •  पहला- केवाईसी पहचानकर्ताओं को छिपाकर और किसी भी मध्यस्थ को ग्राहक के केवाईसी विवरण तक पहुंच से रोककर। सीकेवाईसीआर का लक्ष्य जिनके पास केवाईसी की पहुंच है, उनको रजिस्ट्री में संग्रहीत डाटा को अवैध तरीके से डाउनलोडिंग को रोकना है।
  •  दूसर-.डाटा सुरक्षा बढ़ाने के लिए केवाईसी पहचानकर्ता अब केवल आरई के लिए उपलब्ध होगा। इसके तहत एक सीकेवाईसी आईडी प्रदान की जाएगी, जो हर केवाईसी पहचानकर्ता के लिए यूनिक होगी।

मध्यस्थों के जरिये केवाईसी तक अवैध पहुंच
ज्यादातर आरई केवाईसी संग्रह से संबंधित कार्य को थर्ड पार्टी को देती हैं। सीकेवाईसी रजिस्ट्रार इस प्रथा को समाप्त कर रहा है। अब आरई को केवाईसी डिटेल्स तक पहुंच के लिए खुद के आईपी का उपयोग करना होगा। पहले मध्यस्थ आरई की ओर से केवाईसी डाटा तक पहुंचने के लिए अपने आईपी पते का उपयोग कर रहे थे। सीकेवाईसीआरआर एपीआई का उपयोग करने वाली हर रिपोर्टिंग इकाई को यूनिक आईपी पते का उपयोग करना होगा। आरई को सुनिश्चित करना होगा कि सीकेवाईसीआरआर के डाटा को साइबर सुरक्षा जांच, नियंत्रण व डाटा सुरक्षा उपायों के साथ संग्रहीत करें।

नए साल से ग्राहकों को बड़ी सुरक्षा मिलेगी। नए तरीकों से साइबर अपराध व केवाईसी दुरुपयोग रुकेगा। आपको भी ध्यान देना होगा कि किसी थर्ड पार्टी को केवाईसी न दें। -करण त्रिवेदी, सीए
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