वित्त मंत्रालय की प्रेस कांफ्रेंस में आज निर्मला सीतारमण का फोकस मुख्य रूप से किसानों और प्रवासी मजदूरों पर रहा। दोनों वर्गों के लिए उन्होंने कई राहतों का एलान किया। जहां किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से मदद देने की बात कही, वहीं मनरेगा के तहत सभी मजदूरों को एकसमान वेतन देने की व्यवस्था तैयार करने की भी बात कही।
वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों को मदद देने के लिए 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए मदद दी जाएगी। इस योजना में मछुआरे और पशुपालकों को भी शामिल किया जाएगा। इन्हें कुल दो लाख करोड़ रुपये की मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि तीन माह लोन मोरेटोरियम सुविधा के साथ तीन करोड़ किसानों ने कुल 4.22 लाख करोड़ रुपये के कृषि कर्ज के लिए आवेदन किया। किसानों को ब्याज पर सहायता दी गई है।
इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत 13 मई तक रोजाना 14.62 करोड़ रोजगार सृजित किए गए। औसत मजदूरी को 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये किया गया। हम न्यूनतम मजदूरी में भेदभाव खत्म करेंगे। ये पूरे देश में एक जैसा हो, ये कोशिश करेंगे। वेतन देने के तरीके को सरलीकृत किया जाएगा।
सभी मजदूरों को न्यूनतम वेतन देने की कोशिश होगी। अपने राज्यों में लौटे मजदूरों को काम दिया गया। 2.33 करोड़ कामगारों को 1.87 लाख पंचायतों में काम दिया गया। श्रमिकों का कल्याण सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है।