Kerala Vyavasaya Sangamam-2023: अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजकों की ओर से बैठक से किसी को दरकिनार करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ''यह एक ऐसा मुद्दा है राज्य का भला होगा। यह एक ऐसा मुद्दा है जो हमारे राज्य को विकसित करने में हमारी मदद करेगा। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
केरल की वाम सरकार और विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ के बीच तकरार बढ़ गई है। शनिवार को राज्य में आकांक्षी उद्यमियों को व्यावहारिक मदद और सलाह देकर कारोबार को बढ़ावा देने के लिए होने वाले कार्यक्रम पर दोनों ओर से बहस शुरू हो गई है। यह मीट उद्योग व वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित की गई थी।
विपक्ष ने बहुप्रचारित कार्यक्रम 'व्यवसाय संगमम-2023' का बहिष्कार करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार 'फर्जी आंकड़े' पेश कर रही है। दिनभर के सम्मेलन का उद्घाटन करने वाले मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि यह राज्य के विकास का कार्यक्रम है और सभी को राजनीति से ऊपर उठकर इसके लिए एकजुट होना चाहिए।
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अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजकों की ओर से बैठक से किसी को दरकिनार करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ''यह एक ऐसा मुद्दा है राज्य का भला होगा। यह एक ऐसा मुद्दा है जो हमारे राज्य को विकसित करने में हमारी मदद करेगा। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हर किसी की अपनी पार्टी की राजनीति हो सकती है। लेकिन, हमें राज्य के विकास के लिए एकजुट होना चाहिए।
उधर, केरल के उद्योग मंत्री पी राजीव ने कहा है कि केरल में औद्योगिक क्षेत्र में निवेश में अभूतपूर्व तेजी देखी जा रही है। चालू वित्त वर्ष में एक लाख से अधिक नई सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्यम (एमएसएमई) इकाइयां खोली जा रही हैं। केरल को निवेश अनुकूल गंतव्य के रूप में पेश करते हुए मंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार की 'उद्यमों का वर्ष' पहल के तहत चालू वित्त वर्ष में अब तक केरल में 1.24 लाख से अधिक नए एमएसएमई स्थापित किए गए हैं। इससे 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है।