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Kerala: करुवन्नूर सहकारी बैंक घोटाले में कन्नन से ईडी ने फिर की पूछताछ, बाहर निकल कर ये बोले माकपा नेता

Fri, 29 Sep 2023 11:27 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kerala: एजेंसी ने 25 सितंबर को कन्नन से सात घंटे तक पूछताछ की थी, जिसके बाद माकपा नेता ने आरोप लगाया था कि एजेंसी के अधिकारियों ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और हिंदी बोलने वाले एक उत्तर भारतीय अधिकारी ने उन्हें धमकी दी।
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प्रवर्तन निदेशालय। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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माकपा नियंत्रित करुवन्नूर सहकारी बैंक में 150 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को पार्टी की राज्य समिति के सदस्य एमके कन्नन से करीब चार घंटे तक पूछताछ की।  केरल बैंक के राज्य उपाध्यक्ष कन्नन त्रिशूर सेवा सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी हैं।  वह सुबह कोच्चि स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे लेकिन करीब चार घंटे बाद उन्हें जाने दिया गया।  मीडिया के एक धरे ने पहले खबर दी थी कि कन्नन खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। हालांकि, जब वह यहां ईडी के कार्यालय से बाहर आए तो उन्होंने इन खबरों का खंडन किया।

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उन्होंने कहा, ''अधिकारियों के साथ बातचीत सहज रही। मुझे अभी तक कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है। हो सकता है कि किसी ने मेरे परिवार के लिए चिंता पैदा करने के लिए ऐसी खबर फैलाई हो। कन्नन ने कहा कि एजेंसी जब भी कहेगी, वह पूछताछ के लिए पेश होंगे।" 

एजेंसी ने 25 सितंबर को कन्नन से सात घंटे तक पूछताछ की थी, जिसके बाद माकपा नेता ने आरोप लगाया था कि एजेंसी के अधिकारियों ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और हिंदी बोलने वाले एक उत्तर भारतीय अधिकारी ने उन्हें धमकी दी।
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कन्नन ने तब मीडिया को बताया था, "वे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। वे मुझे मानसिक रूप से दबाना चाहते थे। एक उप निदेशक है जो हिंदी में धमकी दे रहा था।"  इस मामले में 26 सितंबर को माकपा नेता और वडक्कनचेरी नगर निगम पार्षद पीआर अरविंदाक्षन को ईडी ने गिरफ्तार किया था।  माकपा ने कहा था कि अरविंदाक्षन की गिरफ्तारी एजेंसी की ओर से की गई बदले की कार्रवाई है क्योंकि उन्होंने ईडी अधिकारियों पर धमकी देने और हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी।

ईडी ने इससे पहले करुवन्नूर बैंक से कथित तौर पर 'बेनामी' ऋण जारी करने के सिलसिले में किरण पीपी और सतीश कुमार पी को गिरफ्तार किया था। ईडी ने 11 सितंबर को माकपा नेता और विधायक एसी मोइद्दीन से जांच के सिलसिले में नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। 

ईडी अगस्त में उनकी संपत्तियों पर छापेमारी के बाद से मामले में शामिल कुछ लोगों से पूछताछ कर रहा है। एजेंसी ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत विधायक का बयान दर्ज किया था।  ईडी ने इससे पहले केरल के पूर्व सहकारिता और उद्योग मंत्री मोइद्दीन और उनकी पत्नी के 28 लाख रुपये के बैंक खाते और सावधि जमा पर रोक लगाने के अलावा 15 करोड़ रुपये मूल्य की 36 संपत्तियां जब्त की थीं।  

वर्तमान में केरल विधानसभा में कुन्नामकुलम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मोइदीन ने 22 अगस्त को अपने आवास पर की गई छापेमारी के बाद प्रेस को संबोधित किया था और कहा था कि कार्रवाई "पूर्व नियोजित" थी, लेकिन उन्होंने कहा था कि वह किसी भी जांच में सहयोग करेंगे। 

ईडी ने दावा किया था कि उसकी जांच में पाया गया कि कुछ व्यक्तियों के निर्देश पर, जो एक निश्चित राजनीतिक दल के जिला स्तर के नेता और समिति के सदस्य थे और बैंक का संचालन करते थे, बैंक प्रबंधक द्वारा एजेंट के माध्यम से गैर-सदस्य 'बेनामी' लोगों को नकद में ऋण वितरित किए गए थे, गरीब सदस्यों की संपत्ति को उनकी जानकारी के बिना गिरवी रखकर और आरोपियों के लाभ के लिए धन शोधन किया गया था।

छापेमारी के एक दिन बाद 23 अगस्त को जारी एक बयान में ईडी ने आरोप लगाया था, 'ऐसे कई बेनामी ऋण एसी मोइद्दीन के निर्देश पर वितरित किए गए थे।  ईडी के अनुसार कुमार और किरण के अलावा रहीम सीएम और शिजू एमके की संपत्तियों पर भी छापे मारे गए। उन्होंने दावा किया कि कुमार सरगना है।  

त्रिशूर स्थित करुवन्नूर सहकारी बैंक में 2010 में शुरू हुए कथित धोखाधड़ी के इस मामले ने दो साल पहले केरल में एक राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया था। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला त्रिशूर में केरल पुलिस (क्राइम ब्रांच) द्वारा दर्ज 16 एफआईआर से उपजा है।  ईडी ने पिछले साल अगस्त में त्रिशूर के इरिंजालाकुडा में स्थित बैंक की एक शाखा सहित छह स्थानों पर इसी तरह के छापे मारे थे। ईडी ने बैंक के एक कमीशन एजेंट बिजॉय एके की 30.70 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। ईडी ने पिछले साल कहा था कि केरल पुलिस द्वारा जुलाई 2021 में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद, बैंक के ऑडिट में पाया गया कि 100 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को डायवर्ट किया गया था।

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