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Karnataka High Court: गूगल इंडिया को झटका, फेमा उल्लंघन केस में जुर्माने की 50% राशि जमा करने का निर्देश

Tue, 15 Apr 2025 11:36 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Karnataka High Court: कर्नाटक हाईकोर्ट से गूगल इंडिया और उसके अधिकारियों को करारा झटका लगा है। अदालत ने कंपनी और उसके तीन वरिष्ठ अधिकारियों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन के लिए लगाए गए जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि बैंक गारंटी के रूप में जमा करने को कहा है। क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं।
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कर्नाटक उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने गूगल इंडिया और उसके तीन वरिष्ठ अधिकारियों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन के लिए लगाए गए जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि बैंक गारंटी के रूप में जमा करने को कहा है।

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इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गूगल इंडिया पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था, साथ ही तीनों अधिकारियों पर संयुक्त रूप से 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। यह मामला फेमा की धारा 6(3)(डी) के कथित उल्लंघन से जुड़ा है और इसमें करीब 364 करोड़ रुपये का लेनदेन शामिल है।

ईडी के अनुसार,  गूगल इंडिया की ओर से  गूगल आयरलैंड को वितरक शुल्क के रूप में किए गए भुगतान और गूगल यूएस से उपकरण अधिग्रहण में गड़बड़ी की गई है। 
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एजेंसी ने दलील दी कि गूगल आयरलैंड को देय 363 करोड़ रुपए का भुगतान मई 2014 तक चार वर्षों से अधिक समय तक नहीं किया गया, जबकि गूगल यूएस से प्राप्त 1 करोड़ रुपए मूल्य के उपकरणों का भुगतान जनवरी 2014 तक सात वर्षों से अधिक समय तक नहीं किया गया।

ईडी ने इन्हें वाणिज्यिक ऋण के रूप में वर्गीकृत किया, जिसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता होगी। हालांकि, गूगल इंडिया ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उक्त लेनदेन विदेशी मुद्रा ऋण नहीं थे।

कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि इसमें कोई ऋण समझौता, आस्थगित भुगतान या ब्याज शामिल नहीं है, तथा उसने 1 जुलाई 2014 को जारी आरबीआई परिपत्र का अनुपालन करने का दावा किया।

इससे पहले, 11 जनवरी, 2019 को दिल्ली में FEMA के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण ने यह कहते हुए जुर्माने पर रोक लगा दी थी कि गूगल इंडिया की अपील में दम है। इसके बाद ईडी ने रोक को चुनौती देते हुए दूसरी अपील दायर की।

न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रचैया की खंडपीठ ने कहा कि न्यायाधिकरण का स्थगन केवल प्रारंभिक राय पर आधारित था। उन्होंने अब गूगल इंडिया और संबंधित अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर कुल जुर्माने की आधी राशि के लिए बैंक गारंटी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

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