कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया। उन्होंने बजट में एलान किया कि कुल व्यय 3,27,747 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। जिसमें 2,50,933 करोड़ रुपये का राजस्व व्यय, 54,374 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय और 22,441 करोड़ रुपये का ऋणों के भुगतान के मद होने वाला व्यय शामिल है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने महंगाई पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को अर्थव्यवस्था की ''बिगड़ती'' स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। कर्नाटक सीएम ने राज्य की अर्थव्यवस्था को ''खराब'' करने के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार 2022-23 के दौरान आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि को नियंत्रित करने में विफल रही।" सिद्धारमैया ने विधानसभा में अपने बजट भाषण में कहा, "आम आदमी कीमतों में भारी वृद्धि से गंभीर रूप से परेशान है।" उन्होंने कहा कि आम आदमी को इस तरह के प्रतिकूल माहौल से बचाना ही 'पांच गारंटी' (कांग्रेस के चुनावी वादे) के पीछे की प्राथमिक प्रेरणा रही है।
संघीय प्रणाली के अनुकूल नहीं नई शिक्षा नीति: सीएम सिद्धरमैया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर निशाना साधते हुए कहा कि यह संघीय प्रणाली के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा, इसमें कई विसंगतियां हैं, जो संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करती हैं।
सीएम ने विधानसभा में अपने बजट भाषण में कहा कि कर्नाटक सरकार स्थानीय समाज, संस्कृति और राज्य के आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए एक नई शिक्षा नीति बनाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य की नई नीति उच्च शिक्षा मानकों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाएगी और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने व सार्थक रोजगार के अवसर प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाएगी।