सितंबर में नौकरी बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ, लेकिन कंपनियां अब भर्ती में ज्यादा चुनिंदा हो गई हैं। एआई-एमएल में नौकरियां 20% बढ़ीं और अनुभवी लोगों की मांग तेज हुई, जबकि होटल और शिक्षा में भर्तियां घटीं।क्या बदल रहा है जॉब मार्केट का ट्रेंड? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
नौकरी की तलाश रहे युवाओं के लिए बाजार का रुख अब बदलता दिख रहा है। कंपनियां अब केवल ज्यादा लोगों की भर्ती करने के बजाय खास कौशल और अनुभवी कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं।
विज्ञापन
सितंबर में एआई व मशीन लर्निंग (एमएल) से जुड़ी नौकरियों में सालाना आधार पर 20% की बढ़ोतरी हुई, जबकि कुल व्हाइट-कॉलर नौकरियों में महज मामूली बदलाव आया। नौकरी डॉट कॉम की जॉबस्पीक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में कुल भर्ती सूचकांक 2 फीसदी बढ़कर 3,053 हो गया, जो एक साल पहले 3,002 पर था। यानी नौकरी बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ, लेकिन कंपनियां भर्ती करते समय अब पहले से कहीं ज्यादा सतर्क हो गई हैं। एजेंसी
जॉब मार्केट का नया ट्रेंड
एआई/एमएल में 13-16 साल अनुभव वालों की मांग 54% बढ़ी
8-12 साल अनुभव वालों की मांग 28 फीसदी बढ़ी
फ्रेशर्स की भर्ती में 19% इजाफा
4 से 7 साल अनुभव वालों की भर्ती 2 फीसदी घटी
जीसीसी जॉब्स में हैदराबाद सबसे आगे
क्षेत्र
सालाना बदलाव
एआई/मशीन लर्निंग
+20 फीसदी
ऑटो
+11 फीसदी
बीपीओ/तकनीकी सेवाएं
+04 फीसदी
जीसीसी
+04 फीसदी
आईटी/सॉफ्टवेयर सेवाएं
-04 फीसदी
हॉस्पिटैलिटी/ट्रैवल
-11 फीसदी
शिक्षा
-18 फीसदी
विज्ञापन
अनुभव का कोई जोड़ नहीं
एआई का क्षेत्र सिर्फ नए इंजीनियरों के लिए ही नहीं, बल्कि पहले से काम कर रहे अनुभवी कर्मचारियों के लिए भी नए अवसर खोल रहा है। कंपनियां अब एआई के साथ काम करने वाले कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं, वहीं पुराने कर्मचारियों के अनुभव का इस्तेमाल एआई आधारित नए कामों में किया जा रहा है। 3-16 साल के अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती 54% बढ़ी, जबकि 8-12 साल के अनुभव वाले लोगों की मांग में 28% वृद्धि हुई। कुल नौकरी बाजार में 8-12 साल के अनुभव वाले लोगों की भर्ती 5% बढ़ी है। 13-16 साल के अनुभव वालों की मांग में 7% की बढ़ोतरी हुई।
इस बदलाव का क्या मतलब?
रिपोर्ट का सबसे बड़ा संकेत यह है कि नौकरी बाजार में हर क्षेत्र में समान अवसर नहीं बढ़ रहे हैं। कंपनियों का ध्यान अब खास तकनीकी और व्यावसायिक क्षमताओं वाले कर्मचारियों की तरफ ज्यादा है। इन्फो एज के प्रबंध निदेशक हितेश ओबेरॉय ने कहा कि सितंबर के आंकड़ों से पता चलता है कि भर्ती बाजार स्थिर है, लेकिन कंपनियां अब ज्यादा चयनात्मक हो रही हैं। विशेष कौशल और अनुभवी पेशेवरों की मांग बढ़ रही है।
जीसीसी सेक्टर में भर्तियां बढ़ीं
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) में भी नौकरियों की रफ्तार बढ़ी है। सितंबर में जीसीसी से जुड़ी नौकरियां सालाना आधार पर 4% बढ़ीं। हैदराबाद में भर्तियों की संख्या में 23%, चेन्नई में 13% और पुणे में 11% की वृद्धि रही।