भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में 30,213 करोड़ रुपये का देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने वाली कंपनी जिओ प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर ऐतिहासिक लिस्टिंग दर्ज हुई। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बुधवार को अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले 298.35 (+26.66%) रुपये की बढ़त के साथ 1417.35 के स्तर पर बंद हुए।
जियो प्लेटफॉर्म्स के स्टॉक एक्सचेंज डेब्यू के दौरान मुख्य आकर्षण रिलायंस की नई पीढ़ी का संबोधन और मुकेश अंबानी की भावुक उपस्थिति रही। कंपनी को एक राष्ट्रीय कनेक्टिविटी दिग्गज के रूप में खड़ा करने के बाद मुकेश अंबानी ने आईपीओ की प्राथमिक बैठकों में कम प्रोफाइल रखते हुए अपने बड़े बेटे आकाश को आगे रखा था, और लिस्टिंग के दिन भी उन्होंने पूरा केंद्र बिंदु अपने बच्चों को दे दिया।
समारोह के दौरान जब बच्चों ने जियो की यात्रा के पीछे के त्याग और जिम्मेदारियों को साझा किया, तो मुकेश अंबानी बार-बार अपने आंसू पोंछते दिखे। कॉरपोरेट विश्लेषकों के अनुसार, यह समारोह केवल बाजार के फैसले तक सीमित नहीं था, बल्कि रिलायंस की नई पीढ़ी द्वारा एक साझा दृष्टिकोण और दायित्व को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने का अवसर था।
रिलायंस जियो के चेयरमैन और जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कंपनी के भविष्य और निवेशकों के विश्वास को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें रखीं:
समारोह में ईशा अंबानी और अनंत अंबानी ने कंपनी की यात्रा को आम भारतीयों के सशक्तिकरण से जोड़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज की गैर-कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने 1977 में रिलायंस के पहले आईपीओ को याद किया, जब ₹10 करोड़ के मूल्यांकन पर 2.82 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। उन्होंने कहा कि लगभग 50 साल बाद आम परिवारों को स्वामित्व देने का वह भरोसा आज पूरा हुआ है। उन्होंने भाई आकाश की मेहनत का जिक्र करते हुए कहा कि बीते 13 वर्षों में ऐसा एक दिन नहीं रहा जब आकाश आधी रात से पहले घर लौटे हों। उन्होंने जानकारी दी कि जियो ने वर्ष के दौरान लगभग 15.5 अरब डॉलर का राजस्व और 8 अरब डॉलर की कमाई दर्ज की है।
शेयर बाजार में मंदी के माहौल के बीच जिओ प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने निवेशकों को बड़ा मुनाफा दिया:
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग न केवल भारत के पूंजी बाजार का एक नया रिकॉर्ड साबित हुई है, बल्कि रिलायंस समूह में पीढ़ियों के नेतृत्व परिवर्तन पर मुहर लगाती है। मुकेश अंबानी की मौजूदगी आकाश, ईशा और अनंत अंबानी की ओर से अगले 50 वर्षों के लिए लिया गया संकल्प दिखाता है कि रिलायंस की अगली पीढ़ी तकनीक, एआई और कनेक्टिविटी के नए युग में कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।