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जियो प्लेटफॉर्म्स: आईपीओ खुलने के 100 मिनट में पूरी तरह हुआ सब्सक्राइब, जानिए निवेशक क्यों लगा रहे हैं दांव

Wed, 21 Oct 2026 11:05 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ खुलते ही संस्थापक निवेशकों से जुड़ा हिस्सा दोगुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। यह भारत का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनने को तैयार है, जिसका लक्ष्य 30,213 करोड़ रुपये जुटाना है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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जियो आईपीओ कितना अहम? - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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जियो प्लेटफॉर्म्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बुधवार को खुलने के कुछ ही मिनटों में संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्सा दो गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया। सूत्रों के अनुसार, सुबह 10 बजे तक क्यूआईबी हिस्से की मांग 2.86 गुना तक पहुंच गई थी। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनने की ओर अग्रसर है।

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संस्थानों ने बुधवार को बोली खुलने के तुरंत बाद इसमें निवेश करना शुरू कर दिया। क्यूआईबी हिस्से में 4,90,07,827 शेयर शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि बोली खुलने के सिर्फ 10 मिनट में यह श्रेणी 1 गुना और 30 मिनट से भी कम समय में 2 गुना सब्सक्राइब हो गई। फिलहाल, पूरा इश्यू 0.83 गुना सब्सक्राइब हुआ है। यह पब्लिक इश्यू बुधवार को खुला और 23 अक्तूबर को बंद होगा। कंपनी का लक्ष्य शेयरों के नए इश्यू के जरिये करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाना है। इसमें कोई ऑफर-फॉर-सेल घटक नहीं है। यह ऑफर ह्यूंडई के 2024 के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़कर मूल्य के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा बन जाएगा।

क्यूआईबी सब्सक्रिप्शन इतना तेज क्यों रहा?

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारत के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू के रूप में देखा जा रहा है। निवेशकों ने कंपनी की भविष्य की वृद्धि संभावनाओं पर भरोसा दिखाया है। क्यूआईबी हिस्से में संस्थागत निवेशकों की भारी दिलचस्पी देखने को मिली। बोली खुलने के कुछ ही मिनटों में यह हिस्सा दो गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया। यह कंपनी के मजबूत बाजार स्थिति और डिजिटल सेवाओं में विस्तार की क्षमता को दर्शाता है।

कंपनी की क्या योजनाएं हैं?

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी दूरसंचार से आगे बढ़कर तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और क्लाउड पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस इकाई को एक तकनीक कंपनी के रूप में पेश किया। अंबानी ने कहा कि नेटवर्क ही उनकी तकनीक है, जिसमें इन-हाउस 5G कोर और क्लाउड-नेटिव रेडियो एक्सेस नेटवर्क शामिल हैं। कंपनी 533.3 दस लाख ग्राहकों को सेवा दे रही है। उनका कहना है कि कनेक्टिविटी पहला उत्पाद था, अब डिजिटल सेवा, एआई और क्लाउड को इसमें जोड़ा जा रहा है।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

यह आईपीओ ऐसे समय में आया है जब निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि क्या देश की सबसे बड़ी दूरसंचार ऑपरेटर अपने विशाल ग्राहक आधार को डिजिटल सेवाओं, एंटरप्राइज तकनीक और एआई से उच्च-लाभ वाले राजस्व में बदल सकती है। कंपनी 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर के मूल्य बैंड पर 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। ऊपरी मूल्य सीमा के आधार पर, जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन 10.3 लाख करोड़ रुपये है। अनौपचारिक बाजार में, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर करीब 275 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। इसका मतलब है कि लिस्टिंग मूल्य 1,394 रुपये प्रति शेयर हो सकता है, जो इश्यू मूल्य के ऊपरी छोर से लगभग 25 फीसदी अधिक है।

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