देश की सबसे पुरानी निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज के अब केवल 15 विमान ही सेवा में हैं। इसके चलते अब यह नियमों के हिसाब से विदेशी जाने वाली उड़ानों का परिचालन नहीं कर सकेगी। एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंक समूह ने जेट को 25 मार्च को 1,500 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई थी, लेकिन 10 दिन बाद भी एयरलाइन को पैसा नहीं मिला। कंपनी के प्रमोटर नरेश गोयल के चेयरमैन पद से इस्तीफे और अंतरिम चेयरमैन की नियुक्त के बाद ही बैंक पैसे देने को राजी हुए थे। एयरलाइन को जल्द पैसे दिलाने के लिए नरेश गोयल ने बैंकों की सभी शर्तें मान ली थी। लेकिन अभी तक अंतरिम चेयरमैन की भी नियुक्ति नहीं हो सकी है। बता दें कि 25 मार्च को गोयल और उनकी पत्नी अनीता को बोर्ड से बाहर होना पड़ा था। बता दें कि फिलहाल जेट एयरवेज का प्रबंधन नियंत्रण एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंक समूह के पास है।
जेट एयरवेज ने जनवरी, फरवरी और मार्च की सैलरी अपने कर्मचारियों को नहीं दी है। कंपनी के चीफ पीपुल ऑफिसर राहुल तनेजा का कहना है कि तकनीकी कारणों की वजह से बैंकों से पैसे नहीं मिल पाया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि कर्ज के सेटलमेंट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए जेट का मामला और टल सकता है। आरबीआई के 12 फरवरी 2018 को जारी किए गए सर्कुलर को भी कोर्ट ने रद्द कर दिया है। इस सर्कुलर में कर्ज लौटाने में एक दिन की भी देरी होने पर दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की बात थी।
'कागजी कार्रवाई से हो रही देरी'
वहीं सूत्रों के मुताबिक बैंकों का समूह रिजर्व बैंक (आरबीआई) के जवाब का इंतजार कर रहे हैं जिसके बाद ही वे जेट को पैसा देने के बारे में कोई निर्णय ले पाएंगे। पूर्व एसबीआई प्रमुख एके पुरवार को भी उसके बाद ही अंतरिम चेयरमैन बनाया जा सकता है।
जेट के एक अधिकारी का कहना है कि एयरलाइन आरबीआई के स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहा है। इसके बाद ही जेट कोई कदम उठाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगेगा, यह कोई नहीं बता सकता। वहीं एविएशन एक्सपर्ट अजय अवताने के मुताबिक कागजी कार्रवाई में देरी के कारण बैंकों ने अभी तक पैसे नहीं दिए हैं।
16,000 कर्मचारियों को तीन महीने से नहीं मिली सैलरी
बैंकों से पैसे नहीं मिलने की वजह से जेट एयरवेज ने 16,000 कर्मचारियों की मार्च की सैलरी टाल भी दी है। कंपनी अगस्त से पायलटों, इंजीनियरों और वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी देने में देरी कर रही है।
एयरलाइन के चीफ पीपल ऑफिसर राहुल तनेजा ने कर्मचारियों का कहना है, "तकनीकी कारणों से पैसे मिलने में उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है। हम बैंकों के साथ लगातार बात कर रहे हैं ताकि कोई समाधान निकल सके।" उन्होंने यह नहीं बताया कि कर्मचारियों को तनख्वाह कब मिलेगी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि नौ अप्रैल को उन्हें इसके बारे में अगली सूचना दी जाएगी।