अमेरिकी ब्रोकिंग फर्म जेफरीज ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ की नीतियों से कभी भी पीछे हट सकते हैं। ऐसे में भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली करने की जगह खरीदारी करना सही फैसला होगा। जेफरीज के प्रमुख विश्लेषक क्रिस्टोफर वुड ने कहा, उनके ग्राहक वर्तमान वैश्विक बाजार परिवेश और इस संभावना के कारण भारत में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं।
वुड ने कहा, यह केवल कुछ समय की बात है। ट्रंप अपने रुख से पीछे हट जाएंगे, जो कि अमेरिका के हित में नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अगर कोई ट्रंप के सामने खड़ा होता है तो उसे लाभ होता है। ट्रंप की ओर से ब्रिक्स देशों के खिलाफ कोई भी प्रतिक्रिया उन्हें डी-डॉलराइजेशन की ओर ले जाएगा। ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका का नाम शामिल है। डी-डॉलराइजेशन वह स्थिति है, जिसमें देश डॉलर की बजाय अन्य विदेशी या घरेलू मुद्राओं में विदेशी व्यापार करना शुरू कर देते हैं।
वुड ने कहा, भारत पर खासकर अपने एशिया (जापान को हटाकर) पोर्टफोलियो में लगातार तेजी का रुख बनाए रखा है। पिछले 15 वर्षों में उभरते बाजारों की तुलना में भारत ने पिछले 12 महीनों में सबसे ज्यादा खराब प्रदर्शन किया है। भारत एशिया में सबसे अच्छी दीर्घकालिक संरचनात्मक स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है। हालांकि इस समय बाजार उच्च मूल्यांकन का सामना कर रहा है।