जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत की उत्कृष्ट प्रतिभा एक-दूसरे की पूरक हैं। इससे हमारे आर्थिक संबंधों का विस्तार हो रहा है। कई जापानी कंपनियां मेक इन इंडिया पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जापान की तकनीक और भारत की प्रतिभा ने आर्थिक संबंधों को विस्तार दिया है। जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने शुक्रवार को भारत-जापान आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि जापान ने मेक इन इंडिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत और जापान एक-दूसरे के पूरक
इशिबा ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत की उत्कृष्ट प्रतिभा एक-दूसरे की पूरक हैं। इससे हमारे आर्थिक संबंधों का विस्तार हो रहा है। कई जापानी कंपनियां मेक इन इंडिया पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आज हमारी कंपनियों के बीच नए सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर, भारत में अपने निवेश को आगे बढ़ाने और सहयोग को मजबूत करने के लिए जापान की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह प्रमाण देता है कि हम दोनों देशों को इर्द-गिर्द केंद्रीत अपनी आपूर्ति शृंखला का लगातार निर्माण कर रहे हैं।
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उन्होंने प्रमुख पहलों का जिक्र किया
उन्होंने कहा कि प्रमुख पहलों में लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, प्रधानमंत्री मोदी की आत्मनिर्भर भारत नीति के तहत तकनीक और बाजारों का लाभ उठाना, और सेमीकंडक्टर, जैव ईंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग करना शामिल है। एआई, अंतरिक्ष और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी प्रयास जारी हैं। दोनों सरकारें इन पहलों का समर्थन करती हैं। इनका उद्देश्य अनिश्चित वैश्विक अर्थव्यवस्था में लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
वाराणसी यात्रा को किया याद
इशिबा ने आगे कहा कि वह सहयोग और लोगों के बीच संबंधों में वृद्धि देखना चाहते हैं। उन्होंने अपनी वाराणसी यात्रा का भी जिक्र किया और प्रौद्योगिकी एवं संस्कृति के मेल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि भविष्य में हमारा द्विपक्षीय सहयोग निरंतर विकसित होता रहे। प्रधानमंत्री मोदी 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 29-30 अगस्त तक जापान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।