वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ किया है कि 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट वोट ऑन अकाउंट नहीं होगा, ब्लकि यह एक अंतरिम बजट होगा जिसमें सरकार आम जनता के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती है।
इलाज के लिए अमेरिका गए जेटली ने साफ किया कि वो खुद ही बजट को पेश करेंगे। जेटली ने कहा कि चुनावी साल में यह माना जाता है आखिरी बजट को अंतरिम बजट के तौर पर पेश किया जाएगा।
जेटली ने इशारा किया है कि सरकार बजट में किसानों के लिए बड़े फैसले ले सकती है, जिससे उनकी माली हालत में सुधार आए। जेटली ने कहा, ‘हमारे किसानों ने उत्पादकता बढ़ाई है और हमें सरप्लस फूड के दौर में ले आए हैं।
अब सरप्लस फूड का प्रबंधन कई साल से हमारे लिए चुनौती का विषय बना हुआ है। इसलिए कीमतें भी गिर रही हैं। आपदा, सूखा, चिंता जैसे हालात को काबू में करने के लिए होने वाले उपायों को लोकलुभावन व्यय के तौर पर नहीं देखा जा सकता है।’
खाद्य पदार्थों के दाम लगातार कम होना एक चिंता की बात है। इससे किसानों की आमदनी काफी कम हो गई है। किसानों को अगर फसल की लागत ही नहीं निकलेगी तो वो कैसे आगे खेती कर पाएगा। हमारे किसानों ने उत्पादकता बढ़ाई है और हमें सरप्लस फूड के दौर में ले आए हैं। अब सरप्लस फूड का प्रबंधन कई साल से हमारे लिए चुनौती का विषय बना हुआ है।