India-EU TTC: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने गत वर्ष अप्रैल में टीटीसी के गठन की घोषणा की थी। टीटीसी के तहत तीन कार्यबल बनाए गए हैं जो रणनीतिक प्रौद्योगिकी, डिजिटल गवर्नेंस व डिजिटल संपर्क, हरित व स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी और व्यापार, निवेश और मूल्य शृंखला पर केंद्रित हैं।
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की मंगलवार को ब्रसेल्स में बैठक हुई। पहली मंत्री-स्तरीय बैठक में दोनों पक्षों ने डिजिटल और स्वच्छ प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शिरकत की।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने गत वर्ष अप्रैल में टीटीसी के गठन की घोषणा की थी। टीटीसी के तहत तीन कार्यबल बनाए गए हैं जो रणनीतिक प्रौद्योगिकी, डिजिटल गवर्नेंस व डिजिटल संपर्क, हरित व स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी और व्यापार, निवेश और मूल्य शृंखला पर केंद्रित हैं।
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की पहली मंत्री-स्तरीय बैठक में दोनों पक्षों के शीर्ष मंत्री शामिल हुए। इस दौरान यूरोपीय संघ की कार्यकारी इकाई यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष मार्गरेट वेस्तागर भी मौजूद रहीं।
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वाणिज्य मंत्री गोयल ने बैठक के बाद एक ट्वीट में कहा कि वेस्तागर के साथ सभी हितधारकों की रचनात्मक बातचीत हुई। इसमें यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि (विदेश मामले) एवं उपाध्यक्ष जोसप बोरेल फोंतेलेस भी मौजूद रहे।
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने ट्वीट में कहा, "इस टेकेड (तकनीकी दशक) में टीटीसी भरोसेमंद सहयोग को प्रोत्साहन दे सकती है जो पुनर्भूमंडलीकरण के लिए आवश्यक है। हितधारक आपूर्ति के लिए अहम हैं।" उन्होंने कहा कि इस बैठक में टीटीसी, जी20, वैश्विक दक्षिण की आवाज, यूक्रेन और हिंद-प्रशांत पर विस्तार से चर्चा की गई। इस तरह के संवाद से हमारी रणनीतिक साझेदारी मजबूत होती है।