इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आयकर दाताओं को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्रालय की तरफ से सोमवार देर रात जारी सूचना के मुताबिक आज भी रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा। वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी सूचना के मुताबिक सीबीडीटी ने आईटीआर फाइल करने का समय बढ़ा दिया है। अभी तक पिछले साल से अधिक रिटर्न दाखिल हो चुके हैं। जानिए पूरा विवरण
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए एक और दिन की मोहलत दी है। देर रात जारी सूचना के मुताबिक रिटर्न आज भी फाइल किया जा सकता है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने को लेकर वित्त मंत्रालय ने जो सूचना जारी की है, इसके मुताबिक 16 सितंबर की रात 12 बजे तक आईटीआर फाइल किया जा सकेगा। सीबीडीटी के मुताबिक 15 सितंबर तक रिकॉर्ड 7.3 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए गए हैं, जो पिछले साल के 7.28 करोड़ से अधिक है।
विज्ञापन
ऑनलाइन पोर्टल में परेशानियों की खबर
बता दें कि 15 सितंबर तक आयकर विभाग के अनुसार करीब सात करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल हुए। दरअसल, रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा समाप्त होने के चलते अंतिम दिन ई-फाइलिंग पोर्टल पर यूजर्स को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ा। माना जा रहा है कि इसी कारण से सीबीडीटी ने आयकर दाताओं को रिटर्न दाखिल करने के लिए एक और दिन की मोहलत दी है।
रिटर्न दाखिल करने में देरी पर जुर्माने का प्रावधान
इससे पहले आयकर विभाग ने बताया था कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर है। सीबीडीटी ने 31 जुलाई की तारीख को बढ़ाकर 15 सितंबर किया था। ऐसे में अगर आपने अब तक आयकर रिटर्न नहीं भरा है, तो आज यह काम जरूर कर लें, अन्यथा जुर्माना लग सकता है। रिटर्न दाखिल करने के लिए आप अपनी कमाई और पेशे के हिसाब से आईटीआर फॉर्म का चयन कर सकते हैं।
आयकर कानून की धारा 44एडीए में कुछ खास पेशों के लिए कराधान का प्रावधान है, जहां सकल प्राप्तियों की 50 फीसदी हिस्सेदारी आपकी आय मानी जाती है। यह सिर्फ व्यक्तियों और साझेदारी फर्मों के लिए है। 44एडीए की तरह धारा 44एडी में भी व्यवसाय में लगे लोगों के लिए प्रावधान है, जिसमें टर्नओवर के 8 फीसदी को आय माना जाता है।
यह अनसुलझा विवाद है कि क्या 44एडीए के तहत कवर नहीं होने वाले लोग धारा 44एडी का विकल्प चुन सकते हैं।
विभाग ने मई में ऐसे व्यक्तियों, एचयूएफ और संस्थाओं द्वारा आकलन वर्ष (एवाई) 2025-26 (वित्तीय वर्ष 2024-25 में अर्जित आय के लिए) के लिए आईटीआर दाखिल करने की नियत तारीख को 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर करने की घोषणा की थी।