मुझे हाल ही में कक्षा 6-7 के बच्चों के साथ रहने और उन्हें फाइनेंस से परिचित कराने का एक अनूठा अवसर मिला। मुझे लगा कि बच्चों के साथ पैसे को लेकर चर्चा करना एक अच्छा विचार होगा, जो जीवन भर उनके साथ रहेगा। इसलिए, मैंने उनसे पूछा कि क्या वे साधारण ब्याज से परिचित हैं। सभी ने कहा, वे इससे परिचित हैं। हम बच्चों को बचत का मूल्य और खर्च करते समय सतर्क रहना सिखाते हैं, लेकिन निवेश या पैसे के मूल्य पर शायद ही कभी चर्चा करते हैं। खासकर, पैसे के मूल्य के बढ़ने के बारे में। साधारण ब्याज पहला कदम है, लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज असली चीज है, क्योंकि आज का एक रुपया कल के एक रुपये के बराबर नहीं होगा। जब पैसे का उपयोग किया जा रहा है, तो समय के साथ यह और भी जटिल हो जाएगा। समय के साथ बढ़ती महंगाई पैसे के मूल्य को नष्ट कर देती है। इसका मतलब यह है कि पैसे के मूल्य को बनाए रखने के लिए मुद्रास्फीति की तुलना में ज्यादा रिटर्न की जरूरत होती है।
आज 100 रुपये की सब्जी कल 120 रुपये में मिलेगी
महंगाई को समझने का एक तरीका यह है कि आज सब्जियों की कीमत 100 रुपये है। हो सकता है कि अगले महीने आपको 100 रुपये में आज की जितना सब्जी न मिले, क्योंकि कीमतें स्थिर नहीं हैं। हम में से अधिकांश के लिए रुपये का मूल्य अच्छी तरह से तब समझ में आता है, जब कोई 20 साल पहले 20 लाख रुपये में खरीदे गए अपने घर की कीमत के बारे में बात करता है। इस घर की कीमत आज 75 लाख रुपये है। हालांकि, वे भूल जाते हैं कि घर की कीमत दो दशकों बाद तीन गुना बढ़ी है। यह कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि अगर आपने इस अवधि के दौरान बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा बचाया होता तो आपको इतनी ही कमाई होती। वास्तव में आप अधिक कमा चुके होंगे।
कमाई की तुलना में महंगाई तेज गति से बढ़ती है
हम सभी के परिवार में कोई न कोई बुजुर्ग होता है जो इस बारे में बताता है कि कैसे उन्होंने 40-50 साल पहले एक मेस में दो रुपये में पूरी थाली वाला खाना खाया था। वे इस बात पर चिल्लाते हैं कि आज 500 रुपये में भी एक थाली उतनी अच्छी नहीं है या इतनी महंगी है। वे ज्यादा गहराई में नहीं जाएंगे कि उन दिनों जब वे बाहर खाना खाते थे तो प्रति माह लगभग 300 रुपये कैसे कमा लेते थे। अब, इसकी तुलना आज की आय से करें और आपको लगेगा कि कहानी सुनाने वाला व्यक्ति शायद गरीब था और इसलिए उसने इतनी कम कमाई की। यह अलग बात है कि उन दिनों वेतन इतना ही होता था। दरअसल उस समय इतना पैसा कमाना बड़ी बात थी और बाहर खाना भी उतना ही बड़ी बात थी। कहने का मतलब यह है कि आपकी जो कमाई है, उसकी तुलना में महंगाई तेज गति से बढ़ती है। इसलिए पैसे का निवेश जरूरी है जो महंगाई को मात देने में सक्षम हो।
आपकी गरीबी और अमीरी भी पैसे के मूल्य पर निर्भर है
आप कितना अमीर या गरीब महसूस करते हैं, यह आपके द्वारा समय-समय पर धन के मूल्यों की तुलना पर निर्भर करता है। जब बच्चों के साथ इन पहलुओं पर चर्चा की गई तो उनमें से एक ने बड़ी चतुराई से मुझे बताया कि कैसे अभी खरीदारी करने और बाद में कर्ज के जरिये उसका भुगतान करने का निर्णय एक चतुराई भरा कदम था, क्योंकि कुछ महीनों के बाद उसी वस्तु के लिए कम भुगतान करना पड़ा। उन बच्चों में से एक बताया कि कैसे उसके माता-पिता ने किस्त का भुगतान करके कई चीजें ऑनलाइन खरीदी थीं। मैंने उससे पूछा कि क्या एक विक्रेता के रूप में उसे 10 महीने में उसी कीमत पर फोन बेचना ठीक रहेगा या आज पूरा पैसा ले लेगी। मैंने उन्हें समझाया कि जब कोई वस्तु अभी पूरे भाव पर बेची जाती है तो विक्रेता एक वर्ष या अलग-अलग समय सीमा में मासिक किस्त के जरिये भुगतान करने की तुलना में अलग कीमत कैसे वसूलते हैं।
आज का एक रुपये का मूल्य कल कम हो जाएगा
आज एक रुपया उपयोग में लाया जा सकता है, लेकिन कल वह एक रुपये के बराबर नहीं होगा। बच्चों को शुरू से ही समझाया जाना चाहिए। इसे जीवन के सबक के रूप में हमारे अंदर भी अच्छी तरह समाहित होना चाहिए। पैसे के समय के मूल्य को समझेंगे तो आप जीवन में बेहतर वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम होंगे। आपको पता चल जाएगा कि जब आपके पास पूरी रकम होगी तो पूरा भुगतान करना उचित होगा। पैसे के समय मूल्य को समझने से आपको बेहतर वित्तीय निर्णय लेने में मदद मिल सकती है। यह आपको मार्गदर्शन करेगा कि वास्तविक लाभ के लिए कब पूरा भुगतान करना है, कब उधार लेना है या बेचना है।