डॉ. वी अनंत नागेश्वरन
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देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने वर्ष 2023 में 7.2 प्रतिशत का वास्तविक जीडीपी दर हासिल करने को बड़ी देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह सरकार और अर्थव्यवस्था के लिए एक त्वरित उपलब्धि है। साथ ही मुख्य आर्थिक सलाहकार ने यह भी कहा कि 7.2% का रियल जीडीपी ग्रोथ हासिल करने में आम लोगों का भी अहम योगदान है। उनके समेत प्रयासों से ही हम यह विकास दर हासिल कर पाए हैं।
2026 में आने वाले रियल जीडीपी के आंकड़े और बेहतर होंगे
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि 2026 में जब रियल जीडीपी के वास्तविक आंकड़े आएंगे वे वर्तमान के संभावित आंकड़ों से और मजबूत हो सकते हैं। वित्त वर्ष 2023 के रियल जीडीपी के वास्तवित आंकड़े 7.2% से भी अधिक हो सकते हैं। इससे पहले शुक्रवार को लखनऊ में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के कार्यक्रम में जब सीईए से पूछा गया कि देश में बढ़ती बेरोजगारी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रोजगार पर बढ़ते खतरे को देखते हुए क्या यूनिवर्सल सामाजिक सुरक्षा योजना उपलब्ध कराने का समय आ गया है? तो उन्होंने कहा था कि अगले कुछ साल तक यह भारत के एजेंडे में नहीं होना चाहिए। भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था के लिए यह कॉन्सेप्ट ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा, भारत अभी उस अवस्था में नहीं है कि लोगों को यह सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। विकसित देशों के पास रोजगार बढ़ाने के सीमित साधन हैं, इसलिए वहां की सरकारों को इसकी जरूरत पड़ती है। लेकिन, हमारा देश आर्थिक विकास के जरिये लोगों की आकांक्षाएं पूरी करने की क्षमता रखता है।