साल 2026 और 2027 में भारतीय शेयर बाजार निवेशकों को मुनाफा दे सकता है। ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत में कॉपोरेट कमाई 14 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार पिछला साल 2025 उभरते बाजार के लिए ऐतिहासिक रहा, जहां इक्विटी ने आठ साल का सबसे शानदार प्रदर्शन किया।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेशियल की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कुल आय में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की अच्छी ग्रोथ देखी गई, जो उम्मीदों से थोड़ी अधिक है। सेक्टर की ग्रोथ में काफी सुधार हुआ, तिमाही के दौरान 27 में से 19 सेक्टर्स ने दोहरे अंकों में आय की ग्रोथ दर्ज की है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों की आय बढ़ने का कारण आरबीआई और केंद्रीय सरकार ने जो कदम उठाए है उनसे मौद्रिक और राजकोषीय उपायों के बाद मैक्रो परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। हमारा मानना है, आय में स्थिरता आने से भारतीय बाजार कैलेंडर वर्ष 2026-27 में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार है।
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों का कहना है कि भारत में पैसा लगाने का यह सबसे सही समय है, जहां 2025 में मुनाफे की दर 10 प्रतिशत रहने का अनुमान है, वहीं 2026-27 यह वृद्धि बढ़कर 14 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। यह आंकड़ा अन्य उभरते हुए देशों की तुलना में काफी बेहतर और मजबूत है। सरकार जिस तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योगों और घरेलू खपत को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है। वह भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती बनाएगी।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में बाजार की दिशा को पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तय करने वाला है। भारत जिस तरह से एआई पर जोर दे रहा है वह हमें भविष्य में इस दिशा में अग्रणी पंक्ति में खड़ा करेगा। जानकार कहते हैं, इस नए बदलव के साथ अर्थव्यवस्था को ब्याज दरों में संभावित कटौती और तेल की कम कीमतों का भी फायदा भविष्य में मिलेगा।
भारत जैसे तेल आयातक देशों को सस्ता तेल मिलता है, तो महंगाई घटती और कंपनियों का मुनाफा बढ़ता है, जिसका सीधा असर आम आदमी के निवेश को पड़ता है। ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल का कहना है कि देश की बड़ी आईटी कंपनियां एआई सर्विस मार्केट में प्रवेश करने के लिए तैयार है। देश में जिस तरह से डेटा सेंटर, एआई से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और बढ़ावा दिया जा रहा है। उससे यह विश्वास बढ़ता है कि भविष्य में यह मुनाफे का इंजन बनेगा।