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क्या आपके लिए सही है थीमैटिक इन्वेस्टिंग? इसमें निवेश की सही रणनीति क्या, जानें

Fri, 05 Sep 2025 07:40 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एप निवेश धोखाधड़ी - फोटो : एडोव
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थीमैटिक इन्वेस्टिंग हाल के वर्षों में लंबी अवधि में पूंजी वृद्धि चाहने वाले निवेशकों के लिए एक अहम रणनीति के रूप में उभरकर सामने आई है। पारंपरिक व्यापक निवेश की बजाय इसमें खास थीमों में निवेश किया जाता है, जैसे क्लीन एनर्जी, फिनटेक या हेल्थकेयर। इनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहती है।

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लेकिन यह रणनीति हर निवेशक के लिए उपयुक्त नहीं है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल थीमैटिक एडवांटेज फंड के भरत शर्मा के अनुसार निवेश से पहले यह समझना जरूरी है कि जीडीपी ग्रोथ, महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें और करेंसी मूवमेंट जैसे मैक्रो वेरिएबल्स अलग-अलग सेक्टर्स को कैसे प्रभावित करते हैं। अधिकतर निवेशकों के पास इस तरह की गहन रिसर्च और विश्लेषण के लिए न तो समय होता है और न ही संसाधन।

शर्मा कहते हैं कि पिछले बाजार अनुभव भी यही चेतावनी देते हैं। साल 2014 से 2015 के बीच फार्मा शेयरों को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया और इस सेक्टर में एसेट इनफ्लो 69% तक बढ़ गया। लेकिन 2018 तक यही सेक्टर तीन वर्षों में -12.07% की निगेटिव CAGR देकर निवेशकों को नुकसान पहुंचा गया। साफ है कि बिना एक्जिट स्ट्रैटेजी के सिर्फ हाइप के आधार पर निवेश करना खतरनाक साबित हो सकता है।
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इसके अलावा, सेक्टोरल विजेता अक्सर चक्रीय होते हैं। जो सेक्टर एक साल में टॉप पर होता है, वही अगले साल पिछड़ सकता है। इसलिए लगातार निगरानी और समय पर री-एलोकेशन बेहद जरूरी है, जो आम निवेशकों के लिए कठिन कार्य है। भावनात्मक पक्षपात भी इसमें रुकावट डालते हैं- तेजी के दौर में लालच और गिरावट के समय डर, अक्सर अच्छी-खासी योजनाओं को बिगाड़ देते हैं। यही वजह है कि नियम-आधारित एंट्री, एग्जिट और रीबैलेंसिंग रणनीति अपनाना जरूरी है।  टैक्सेशन भी इसमें एक बड़ी जटिलता है। अगर रीबैलेंसिंग कम अवधि में होती है तो टैक्स का बोझ वास्तविक रिटर्न घटा सकता है। इसलिए टैक्स-अवेयर पोर्टफोलियो की प्लानिंग करना जरूरी है।

शर्मा कहते हैं कि बड़ा सवाल है कि उभरते निवेश ट्रेंड्स का फायदा चाहने वाले निवेशक क्या करें? विशेषज्ञ मानते हैं कि अधिकांश निवेशकों को थीमैटिक एक्सपोजर को पेशेवर प्रबंधन और अनुशासित ढांचे के साथ जोड़कर निवेश करना चाहिए। इसका एक बेहतर तरीका है थीमैटिक म्यूचुअल फंड्स या थीमैटिक फंड ऑफ फंड्स (FOF) में निवेश, जिनमें पहले से ही डायवर्सिफिकेशन, रीबैलेंसिंग प्रोटोकॉल और एक्सपर्ट ओवरसाइट मौजूद होती है।
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एक विकल्प है आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल थीमैटिक एडवांटेज फंड (FOF)। यह स्कीम विभिन्न सेक्टर्स और थीम्स में उभरते अवसरों में निवेश करती है। 30 जुलाई 2025 तक इस फंड ने एक साल में 8.23% का रिटर्न दिया है। वहीं लंबी अवधि में इसका प्रदर्शन और मजबूत रहा है। इसने तीन साल में 20.68% CAGR और पांच साल में 26.08% CAGR का दमदार रिटर्न दिया है।

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