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Inflation Report: क्या घटने वाली है महंगाई दर? इस बड़े बदलाव से रोजमर्रा की चीजें हो सकती हैं सस्ती

Fri, 30 Jan 2026 11:13 AM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने महंगाई नापने का तरीका बदल दिया है। अब नए नियमों से महंगाई का आंकड़ा थोड़ा ऊपर-नीचे दिख सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल महंगाई में करीब 20-30 आधार अंकों का मामूली फर्क पड़ सकता है। खाने-पीने की चीजों का असर थोड़ा कम और घर, बिजली, ट्रांसपोर्ट जैसी चीजों का असर ज्यादा होगा, ताकि महंगाई का हिसाब लोगों के खर्च के मुताबिक ज्यादा सही दिखे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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आम लोगों की रोजमर्रा की महंगाई को मापने वाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के नियम बदलने जा रहे हैं। सरकार ने सीपीआई का बेस ईयर 2011-12 से बदलकर 2023-24 कर दिया है, जिससे महंगाई के आंकड़ों में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नए वेटेज लागू होने पर कुल महंगाई दर में करीब 20-30 आधार अंकों की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।

क्या है रिपोर्ट का दावा?

रिपोर्ट में कहा गया है कि पुराने इंडेक्स पर नए वेटेज लागू करने से कुल महंगाई में हल्की बढ़ोतरी दिखती है। हालांकि, जिन महीनों में खाद्य महंगाई ज्यादा होगी, उन महीनों में नया सीपीआई पुराने सीरीज की तुलना में 20-30 आधार अंक कम भी हो सकता है।

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यह आकलन सीपीआई के बेस ईयर को 2011-12 से बदलकर 2023-24 करने की प्रक्रिया के बीच सामने आया है। बदलते उपभोग पैटर्न और वैश्विक मानकों के अनुरूप महंगाई माप को अधिक सटीक बनाने के लिए सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया था, जिसकी सिफारिशें हाल ही में जारी की गई हैं।

नई सीपीआई सीरीज में क्या किया गया बदलाव?

  • नई सीपीआई 2024 सीरीज में कुल 358 वस्तुओं को शामिल किया गया है, जिन्हें 12 डिवीजन, 43 समूह, 62 वर्ग और 192 उप-वर्गों में वर्गीकृत किया गया है।
  • नई सीरीज के तहत पहला सीपीआई डेटा 12 फरवरी 2026 को जारी किया जाएगा, जिसमें जनवरी 2025 से इंडेक्स डेटा और जनवरी 2026 की महंगाई दर शामिल होगी।
  • इसके साथ ही ग्रामीण, शहरी और संयुक्त स्तर पर जनवरी 2013 से बैक सीरीज डेटा भी जारी किया जाएगा।

सीपीआई के वेटेज स्ट्रक्चर में क्या हुए बदलाव?

बेस ईयर संशोधन के साथ सीपीआई के वेटेज स्ट्रक्चर में भी अहम बदलाव हुए हैं। खाद्य व पेय पदार्थों का वजन पुराने 45.86 से घटकर 36.75 हो गया है, जबकि आवास, पानी, बिजली, गैस और अन्य ईंधन का वजन 16.91 से बढ़कर 17.66 हो गया है। परिवहन, सूचना और संचार का वजन 8.59 से बढ़कर 12.41 हो गया है। वहीं स्वास्थ्य, घरेलू सामान और रखरखाव व व्यक्तिगत देखभाल व अन्य सेवाओं के वजन में भी वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये बदलाव उपभोक्ताओं के बदलते खर्च पैटर्न को दर्शाते हैं और भविष्य में महंगाई के अधिक सटीक आकलन में मदद करेंगे।

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