केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की दर कम होने पर ईंधन की कीमतों में तुरंत कमी नहीं की जा सकती है। क्योंकि इसमें कई कारण शामिल हैं, जिनमें सस्ता तेल भारत तक पहुंचने में लगने वाला समय भी शामिल है।
पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री गोपी ने ईंधन की कीमतों में हालिया वृद्धि के बारे में कहा कि इससे केवल लगभग 3.94 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का ही प्रभाव पड़ा है। लेकिन कच्चे तेल की लागत वैश्विक स्तर पर कम होने के कारण इसे तुरंत वापस नहीं लिया जा सकता है।
केंद्र सरकार ने प्रभाव का किया है सहन
करोड़ रुपये का हुआ नुकसान
गोपी ने कहा 'इस प्रभाव को झेलने के चक्कर में केंद्र सरकार को 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। किसी भी राज्य ने ईंधन की बढ़ी कीमतों पर कम उत्पाद शुल्क लगाकर अपने राजस्व में कमी नहीं की। केंद्र सरकार को अपना कामकाज चलाना है और तेल कंपनियों को अपना अस्तित्व बनाए रखना है।'
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