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ईरान के राष्ट्रपति की मौत: कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजार और भारत पर क्या असर पड़ सकता है, जानें सबकुछ

Mon, 20 May 2024 02:52 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईरान के राष्ट्रपति रईसी, विदेश मंत्री हुसैन आमिर-अब्दुल्लाहाई, पूर्वी अजरबैजान के गवर्नर मालेक रहमती समेत 9 लोगों की ईरान के उत्तर-पश्चिम में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। रूस-यूक्रेन युद्ध और इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच ईरान के राष्ट्रपति की मौत वैश्विक स्तर पर व्यापक असर डाल सकती है।
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ibrahim raisi - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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ईरान के राष्ट्रपति सैयद इब्राहिम रईसी की एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई। उनकी मौत ईरान, इस्राइल, भारत और वैश्विक स्तर की राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। रविवार की देर शाम ईरान के राष्ट्रपति रईसी, विदेश मंत्री हुसैन आमिर-अब्दुल्लाहाई, पूर्वी अजरबैजान के गवर्नर मालेक रहमती समेत 9 लोगों की देश के उत्तर-पश्चिम इलाके में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। आइए समझते हैं कि ईरान के राष्ट्रपति की मौत कच्चे तेल व सोने की कीमतों, भारत और वैश्विक राजनीति पर क्या असर डाल सकती है?

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क्रूड ऑयल - फोटो : पीटीआई

कच्चे तेल की कीमतों पर असर

राष्ट्रपति की मौत के बाद ईरान की राजनैतिक अनिश्चितता तेल बाजारों में अस्थिरता का कारण बन सकती है क्योंकि निवेशक ईरान के तेल उत्पादन और निर्यात पर संभावित प्रभाव का आकलन करते हुए कारोबार में सतर्कता बरत सकते हैं। रईसी के हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सोमवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। ईरान के तेल उत्पादन में कोई भी व्यावधान वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि ईरान एक प्रमुख तेल उत्पादक देश है। विशेषज्ञों के अनुसार अस्थिरता के बावजूद तेल बाजार में काफी हद तक एक दायरे के भीतर कारोबार होता दिखा। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड सोमवार को 83.77 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर कारोबार करता दिखा।

Ebrahim Raisi - फोटो : एक्स/Ebrahim Raisi

सोने की कीमतों और शेयर बाजारों पर प्रभाव

भू-राजनीतिक अनिश्चितता अक्सर सोने जैसी सुरक्षित धातुओं की कीमतों पर असर डालती है। ऐसी परिस्थितियों में लोग इनमें निवेश को सुरक्षित मानते हुए खरीदारी करने लगते हैं। इससे कीमतों में उछाल आती है। रईसी के हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सोने की कीमतों में मजबूती आई है और यह अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। रईसी की मौत की खबर वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों को भी प्रभावित कर सकती है। निवेशक क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक नीतियों पर संभावित प्रभावों को देखते हुए करोबार करते हैं, इससे बाजार में उतार-चढ़ाव दिख सकता है। भू-राजनीतिक मोर्चे से जुड़ी इस अहम घटना के बाद एशियाई बाजारों में सपाट कारोबार होता दिखा। संभवतः इसका कारण वर्तमान में ओपेक के पास अतिरिक्त क्षमता का होना भी है।

भारत-ईरान के बीच चाबहार पोर्ट के संचालन के लिए अहम समझौता (फाइल)। - फोटो : एएनआई

ईरान के राष्ट्रपति की मौत का भारत पर असर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस्लामिक गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ सैयद इब्राहिम रईसी के अप्रत्याशित निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मोदी ने भारत-ईरान संबंधों को बढ़ाने में रईसी की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने रईसी के परिवार और ईरान के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दुख की इस घड़ी में ईरान के साथ भारत की एकजुटता की पुष्टि की। हाल ही में भारत ने चाबहार बंदरगाह को संचालित करने के लिए ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किया है, जो मध्य एशिया के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल है। पहली बार 2003 में भारत द्वारा इस संबंध में ईरान का को प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन संदिग्ध परमाणु गतिविधियों के कारण ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों से यह समझौता लंबे समय तक बाधित रहा। लंबे समय के बाद हाल ही में हुए इस समझौते की अमेरिका ने आलोचना की है।

वेदांत पटेल। - फोटो : एएनआई (फाइल)

अमेरिका ने की है भारत-ईरान के बीच हुए समझौते की आलोचना

अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने ईरान के साथ हुए इस समझौते के आलोचना की थी। हालांकि, इसके जवाब में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बंदरगाह के क्षेत्रीय लाभों पर जोर दिया। उन्होंने इस मामले में अमेरिका को व्यापक नजरिया अपनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भी अतीत में चाबहार के रणनीतिक महत्व को देखते हुए उसकी अमेरिकी प्रशंसा की थी। राष्ट्रपति डॉ सैयद इब्राहिम रईसी की असामयिक मृत्यु से चाबहार बंदरगाह परियोजना पर असर पड़ने की संभावना है। इस बंदरगाह को संचालित करने के लिए भारत ने हाल ही में एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावे भारत पेट्रोलियम पदार्थों के मामले में ईरान का बड़ा खरीदार रहा है। अगर ईरान के राष्ट्रपति की मौत का कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति पर असर पड़ता है, जो जाहिर तौर पर भारत भी इससे प्रभावित होगा।
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इब्राहिम रईसी - फोटो : पीटीआई

वैश्विक स्तर की राजनीति में उथल-पुथल 

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो हुई। यह दुर्घटना अजरबैजान के सीमावर्ती शहर जोल्फा के करीब घटी, जो ईरान की राजधानी तेहरान से 600 किलोमीटर दूर है। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को ले जा रहे हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की खबर ने दुनियाभर में हलचल मचा दी। हेलीकॉप्टर का मलबा ढूंढ लिया गया है पर दुर्घटनास्थल पर रईसी के जिंदा होने के कोई संकेत नहीं मिले है। हादसे में ईरान के राष्ट्रपति की मौत के बाद जानकार अलग-अलग नजरिए से इसका विश्लेषण कर रहे हैं। हाल के वर्षो ईरान, चीन और रूस की नजदीकियों का अमेरिका मुखर विरोधी रहा है। दुनिया के दो महत्वपूर्ण इलाकों में जंग जारी है। उन दोनों ही क्षेत्रों में ईरान की भूमिका पर अमेरिका और पश्चिम देश सवाल उठाते रहे हैं। जहां ईरान पर यूक्रेन के साथ जंग में रूस को ड्रोन मुहैया कराने के आरोप हैं, वहीं इस्राइल के साथ भी उसकी तनातनी जगजाहिर है। वह इस्राइल-हमास युद्ध में खुले तौर पर हमास का समर्थक रहा है। इन परिस्थितियों में ईरान में नेतृत्व परिवर्तन दुनिया पर असर डाल सकता है। ईरान के राष्ट्रपति सैयद इब्राहिम रईसी की मौत के बाद वैश्विक स्तर की राजनीति में उथल-पुथल दिख सकती है।
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