केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान शुक्रवार को कहा है कि एक मजबूत इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क फाॅर प्रास्पेरिटी (IPF) का प्रस्ताव जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के विभिन्न पहलुओं को देखते हुए फैसले लेगा। इस दौरान गोयल ने कहा कि भारत अमेरिकी कंपनियों को प्रोद्योगिकी सेवाओं का एक बड़ा प्रदाता देश है और जल्द ही संसद में मजबूत ढांचा पेश करने का प्रस्ताव किया जा रहा है।
लांस एंजिल्स में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत उच्च स्तर की डेटा गोपनियता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक और समकालीन कानूनों की अवधारणा पर काम कर रहा है। जल्द ही उन्हें लागू किया जाएगा। लांस एंजिल्स में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत उच्च स्तर की डेटा गोपनियता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक और समकालीन कानूनों की अवधारणा पर काम कर रहा है। जल्द ही उन्हें लागू किया जाएगा।
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री लॉस एंजिल्स में इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फोरम (IPEF) की मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल हुए। उनके अलावे इस बैठक में यूएसटीआर के राजदूत कैथरीन ताई और अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो ने भी हिस्सा लिया।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क के सदस्य देशों के बीच आपसी समृद्धि के लिए उपयोगी जुड़ाव रहा है। इस बातचीत के दौरान आर्थिक विकास की जमीन तैयार करने का काम किया गया है। इस दौरान वाणिज्य मंत्री ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर भी शोक व्यक्त किया।
IPEF: भारत अभी व्यापार समूह का हिस्सा नहीं
भारत ने 14 सदस्यीय हिंद-प्रशांत आर्थिक प्रारूप (आईपीईएफ) के व्यापार समूह से फिलहाल खुद को अलग रखा है। इसके अलावा भारत ने आपूर्ति शृंखला, हरित अर्थव्यवस्था और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था से जुड़ने का फैसला किया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आईपीईएफ की यहां आयोजित दो-दिवसीय मंत्री-स्तरीय बैठक के बाद संवाददाताओं से इस बारे में बात की। उन्होंने बताया कि भारत इस संगठन के व्यापार खंड का हिस्सा बनने को लेकर बातचीत जारी रखेगा। भारत इसकी रूपरेखा के बारे में स्पष्टता आने का इंतजार करेगा।