ईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि निफ्टी दिवाली तक 20,700 के पार जा सकता है। ऐसे में निवेशकों को इस समय बाजार की गिरावट में खरीदी करनी चाहिए। जुलाई में बाजार के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद से इसमें मुनाफा वसूली दिखी है। सैकड़ों शेयर उस समय के भाव से नीचे आ गए हैं, जिनमें निवेश का मौका बना है।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेश लंबे समय के लिए करें, क्योंकि अगले साल आम चुनाव के बाद बाजार की तेजी की रफ्तार और तेज होगी। लगातार सरकार और निजी क्षेत्रों के निवेश के साथ ही भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेश पाने में उभरते बाजारों के साथ विकसित बाजारों में भी भारत सबसे आगे है। ऐसे में यह उम्मीद है कि निवेशक इक्विटी बाजार का रुख करेंगे।
18% की दर से बढ़ेगी कंपनियों की कमाई
भारतीय शेयर बाजार ने जुलाई में सार्वकालिक उच्च स्तर बनाया है। कॉरपोरेट की आय में तेजी बनी हुई है। जून तिमाही में कंपनियों का शुद्ध लाभ एक साल पहले की तुलना में 26% से ज्यादा बढ़ा है। दो वर्षों में कंपनियों की आय की वृद्धि 18 फीसदी दर से बढ़ेगी।
बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों में से 2,322 कंपनियों की कुल बिक्री बढ़कर 27.82 लाख करोड़ रुपये रही है। शुद्ध मुनाफा 38 फीसदी बढ़कर 3.11 लाख करोड़ रुपये रहा है।
म्यूचुअल फंड में भी लगाएं पूंजी
आपको म्यूचुअल फंड में भी निवेश करते रहना चाहिए। इस समय काफी सारे नए फंड आ रहे हैं। हाल में महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड ने बिजनेस साइकल फंड लॉन्च किया है। यह एक ऐसी योजना है जो बिजनेस चक्र आधारित निवेश वाली थीम पर फोकस करेगी। यह स्कीम उन निवेशकों के लिए है जो लंबे समय में इक्विटी और इससे संबंधित प्रतिभूतियों में निवेश कर पूंजी में फायदा चाहते हैं।
बिजनेस साइकल का उद्देश्य उन कंपनियों और सेक्टर में फोकस करने का है जो सक्रिय पोर्टफोलियो अलोकेशन के जरिये बिजनेस साइकल में भागीदार होती हैं। अनुकूल व्यावसायिक चक्रों के दौरान यह फंड उच्च-गुणवत्ता वाली कंपनियों में निवेश पर जोर देगा। बाजार पूंजीकरण में विविधता सुनिश्चित करेगा और विविध निवेश संभावनाओं तक पहुंच सुनिश्चित करेगा।
निवेश के लिए अच्छे क्षेत्र
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने जिन क्षेत्रों के शेयरों में निवेश की सलाह दी है उसमें बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा क्षेत्र हैं। इसके अलावा सरकारी कंपनियां, कैपिटल गुड्स, ऑटो, दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मा और केमिकल, रियल एस्टेट, इन्फ्रा, मेटल प्रमुख रूप से हैं। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि इन क्षेत्रों के चुनिंदा शेयरों में आगे चलकर अच्छी तेजी आ सकती है। इसके साथ ही मिडकैप में चुनिंदा शेयरों को भी खरीदने की सलाह है।
विदेशी निवेशकों का दूसरा रिकॉर्ड निवेश
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शेयर बाजार में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा निवेश किया है। चालू वित्त वर्ष में इन निवेशकों ने इक्विटी में शुद्ध रूप से 1,56,818 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे पहले 2020-21 में रिकॉर्ड 2.70 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। अब तक 5 वित्त वर्ष में इनका निवेश एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है।
महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड के एमडी एवं सीईओ एंथनी हरेडिया का कहना है कि बिजनेस साइकल फंड एकमुश्त और एसआईपी के निवेशकों के लिए अच्छा है। यह फंड लंबे समय में निवेश से लाभ उत्पन्न करने पर फोकस करेगा। यह फंड रणनीतिक रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है जो अलग-अलग व्यापार चक्र चरणों से मेल खाते हैं।