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Investment: अपर्चुनिटीज फंड्स से पांच साल में मिला 27 फीसदी लाभ, खास रणनीति कैसे देती है फायदा?

Fri, 16 Jan 2026 05:02 AM IST
निर्मल कांत ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

Investment: कॉरपोरेट बदलाव, नीतिगत फैसलों और अस्थायी चुनौतियों से गुजर रही कंपनियों पर दांव लगाने वाले अपर्चुनिटीज फंड्स ने बीते पांच वर्षों में 27 फीसदी तक रिटर्न दिया है। नीचे से ऊपर की रणनीति और बिना सेक्टर या मार्केट कैप की पाबंदी के इन फंड्स ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया है। सवाल यह है कि क्या खास परिस्थितियों में निवेश की यह रणनीति लंबी अवधि में भी ऐसे ही मौके बनाती रहेगी?
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Investment - फोटो : AdobeStock
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विस्तार
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कॉरपोरेट पुनर्गठन, सरकारी नीतियों या नियमों में बदलाव, किसी सेक्टर में उथल-पुथल लेकिन अस्थायी चुनौतियों से गुजरने वाली स्थितियों पर आधारित अपर्चुनिटीज फंडों ने पांच साल में 27 फीसदी तक रिटर्न दिया है। ये योजनाएं नीचे से ऊपर की ओर चुनने की रणनीति अपनाती हैं। इसमें बाजार पूंजीकरण या सेक्टर की कोई पाबंदी नहीं होती।
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आंकड़ों के मुताबिक, फ्रैंकलिन इंडिया फंड ने पांच साल में 20.69 फीसदी रिटर्न दिया है। सुंदरम सर्विसेस ने 19.04 फीसदी फायदा दिया है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की अपर्चुनिटीज स्कीम ने 27 फीसदी का लाभ दिया है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो विशेष स्थितियों की थीम पर काम करती है। इस स्कीम ने निवेशकों को बेहतर निवेश अनुभव देते हुए सात साल पूरे कर लिए हैं। स्कीम में सात साल पहले लगाए गए दस लाख अब 37.76 लाख हो गए हैं। सालाना 21 फीसदी का लाभ। यही रकम स्कीम के बेंचमार्क निफ्टी-500 टीआरआई में 28 लाख (15.97 फीसदी) हुई है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की स्कीम ने एक साल में 13 फीसदी, तीन साल में 23 व पांच साल में 27 फीसदी रिटर्न दिया है।

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भविष्य में अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद: आईप्रू के ईडी एस नरेन कहते हैं, समय-समय पर विशेष स्थितियों का सामना कंपनियों को करना पड़ता है। ये अचानक बाजार में उथल-पुथल व नियमों में बदलाव जैसी स्थितियां हो सकती हैं। ऐसी कंपनियों में निवेश करने का मकसद इन पलों को लंबे समय के निवेशकों के लिए मौके में बदलना होता है।

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