हर साल देशभर में हर किसी को सबसे बड़े त्योहार दिवाली का इंतजार रहता है। यह एक ऐसा अवसर होता है, जो लोगों को इसके लिए महीनों पहले से तैयारी करने पर मजबूर कर देता है। रोशनी का त्योहार समृद्धि के बारे में तो है ही, यह कुछ वित्तीय सबक लेने का अवसर भी है। अधिकांश घर दिवाली से ठीक पहले सफाई में लग जाते हैं, कई लोग इसे रंगवाने के अलावा मरम्मत भी कराते हैं। दिवाली की तैयारी बिल्कुल वैसे ही की जाती है, जैसे आप पर्सनल फाइनेंस के लिए करते हैं। बचत या निवेश के बारे में सोचने से पहले आप यह सोचें कि अपने फाइनेंस से भविष्य में क्या उम्मीद करते हैं। इसका अर्थ यह है कि भविष्य के लिए अपने वित्तीय लक्ष्य बनाएं। इनमें कम और लंबे समय के लक्ष्य शामिल होने चाहिए। अल्पावधि में नए साल की छुट्टियों की योजना और सेवानिवृत्ति व लंबी अवधि में कर्ज मुक्त होने जैसी चीजें शामिल होनी चाहिए। सुनिश्चित करें कि हर लक्ष्य से मेल खाने के लिए स्पष्ट समय और राशि आपके पास है।
बचत को कई साधनों में करें निवेश
यदि आपके पास बचत है तो यह बैंक और अन्य प्रकार के जमा में होनी चाहिए। निवेश भी विभिन्न प्रकार के साधनों में होना चाहिए। इनमें म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार भी हो सकते हैं। यह सुनिश्चित करें कि पैसे को ऐसे साधनों में लगाए हैं जो आपके निवेश उद्देश्य के साथ आपके द्वारा उठाए जा सकने वाले जोखिम से मेल खाते हों। दिवाली का एक पहलू लक्ष्मी पूजा है। इस पर अक्सर कम चर्चा होती है, लेकिन हर कोई समृद्धि के लिए इसका पालन करता है। पूजा के लिए शाम का समय होता है जिसका पालन किया जाता है और जो सही समय पर ही होता है। आप भी सही समय का इंतजार करें। बचत करें और निवेश करें। समय पर उनकी समीक्षा भी करें। आपको पैसे के साथ धैर्य रखना होगा, ताकि वह आपके वित्तीय लक्ष्यों और भविष्य की जरूरतों के लिए काम कर सके। शेयर बाजारों में निवेश करने और उनसे बाहर निकलने के लिए भी सही समय चुनें। जरूरत पड़ने पर उधार जरूर लें, लेकिन पैसे हों तो सबसे पहले इसे चुकाने की प्राथमिकता भी रखें।
दूसरों को उपहार देते समय खुशी जरूरी
उपहारों के आदान-प्रदान के बिना दिवाली कैसी? जैसे गिफ्ट पाने की खुशी होती है, उसी तरह की खुशी दूसरों को भी उपहार देते समय होनी चाहिए। उपहारों का आदान-प्रदान, आने और जाने वाली चीजों के जीवन में होने वाले बदलावों को अपनाने जैसा है। आपके पैसे के बारे में भी यही सच है। यह आपके पास रहेगा, इसका उपयोग किसी वित्तीय लक्ष्य और जरूरत के लिए किया जाएगा। यह आपकी जरूरत की चीजों और सेवाओं के लिए भी खर्च होगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि दिवाली के रीति-रिवाज और परंपराएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रहती हैं। पैसे के साथ भी ऐसा ही है। यह एक से दूसरी पीढ़ी तक जाता है। अपने प्रियजनों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निवेश को एक विरासत के रूप में सोचें। जब पटाखे फोड़ने की बात आती है तो सावधान रहें। सुरक्षित रहें। अपने और परिवार के लिए पर्याप्त जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के साथ वित्तीय जीवन की सुरक्षा करना अच्छा होगा।
अंत में, दिवाली को सिर्फ त्योहार के रूप में नहीं बल्कि अपनी वित्तीय यात्रा के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में मनाएं। जैसे हम सभी रोशनी का त्योहार मनाते हैं, उससे मिलने वाले ज्ञान का भी जश्न मनाएं। शुभ दिवाली व शुभ निवेश!
निवेश को अनुष्ठान की तरह आदत बनाएं
जिस तरह सभी अनुष्ठान समय पर किए जाते हैं, उसी तरह नियमित निवेश की आदत बनाएं। इसके लिए एसआईपी निवेश को आदत बनाने का स्मार्ट तरीका है। एसआईपी के जरिये आप कम पैसे से निवेश कर सकते हैं। यह छोटे दीयों और मोमबत्तियों को जलाने की तरह है, जो सामूहिक रूप से रोशनी देते हैं और त्योहारी सीजन के लिए आपके घर और आस-पास को जगमग बनाते हैं।
- दिवाली का एक पहलू पटाखे फोड़ना है। जीवन शोर से भरा है। पटाखे इसे और बढ़ाते हैं। उसी प्रकार आपका फाइनेंस भी कभी अच्छा तो कभी सामान्य रहता है। ।
- शेयर बाजार नीचे-ऊपर होता है। पैसे को सुरक्षित रखने व बढ़ाने में भी इस नियम का पालन कर सकते हैं।