इरडाई ने कहा, बीमा-एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (बीमा-अस्बा) के तहत ग्राहक के खाते से बीमा कंपनियां को रकम तभी ट्रांसफर होगी, जब कोई बीमा पॉलिसी जारी की जाएगी। बीमा कंपनी ग्राहक को यूपीआई के जरिये बैंक खाते में एक तय राशि को ब्लॉक करने के लिए आदेश दे सकती है।
अब आईपीओ की तर्ज पर आप बैंक खाते में बीमा प्रीमियम के लिए रकम को अलग से रख सकते हैं। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने यूपीआई के जरिये बीमा-अस्बा नामक नई सुविधा को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा एक मार्च से शुरू होगी।
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इरडाई ने कहा, बीमा-एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (बीमा-अस्बा) के तहत ग्राहक के खाते से बीमा कंपनियां को रकम तभी ट्रांसफर होगी, जब कोई बीमा पॉलिसी जारी की जाएगी। बीमा कंपनी ग्राहक को यूपीआई के जरिये बैंक खाते में एक तय राशि को ब्लॉक करने के लिए आदेश दे सकती है।
बीमा कंपनी का प्रस्ताव स्वीकारने पर ग्राहक को वापस कर दी जाएगी ब्लॉक रकम
ग्राहक यदि बीमा कंपनी का प्रस्ताव स्वीकार नहीं करता है तो ब्लॉक रकम ग्राहक को वापस कर दी जाएगी। ब्लॉक रकम ग्राहक के खाते में ही रहेगी, बस उस पर लगा प्रतिबंध एक दिन में हट जाएगा। रकम को अधिकतम 14 दिन के लिए ब्लॉक किया जा सकता है। अगर बीमा कंपनी आपके आवेदन को स्वीकार नहीं करती है तो इस रकम पर आपको 14 दिन का ब्याज भी मिलेगा।
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पॉलिसी के लिए आवेदन करते समय भरना होगा फॉर्म
जब पॉलिसी के लिए आवेदन करेंगे तो उसी समय एक फॉर्म भरना होगा जिसमें आप प्रीमियम राशि ब्लॉक करने की मंजूरी देने का विकल्प चुन सकते हैं। कंपनी राशि को ब्लॉक करने के लिए आपके बैंक को पत्र भेजेगी। आपका बैंक आपकी मंजूरी लेकर इस रकम ब्लॉक कर बीमा कंपनी को सूचित कर देगा।