घरेलू आईपीओ बाजार में बड़े इश्यू को जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है, जो मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी का नतीजा है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स और बड़े एंकर निवेशक हर बड़े आईपीओ में भारी रकम लगा रहे हैं, जिससे निर्गम सफल हो रहे हैं और खुदरा निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।
घरेलू आईपीओ में बड़े आईपीओ को मिल रहे जबरदस्त रिस्पांस के पीछे संस्थागत निवेशक हैं। ये निवेशक हर बड़े इश्यू में जमकर पैसा झोंक रहे हैं। इसका उदाहरण इस बात से भी मिलता है कि ज्यादातर कंपनियों के निर्गम इन्हीं की बदौलत सफल हो रहे हैं। इसके कारण छोटे और खुदरा निवेशक भी निवेश कर रहे हैं।
16 दिसंबर को बंद होने वाले 10,600 करोड़ के इश्यू में पहले दिन ही क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (क्यूआईबी) ने 1.97 गुना ज्यादा पैसा लगाया है। एनआईआई ने 0.37 गुना पैसा लगाया है। इसे पहले दिन 5,490 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं। इस आईपीओ में एंकर निवेशकों यानी बड़े निवेशकों ने 3,021 करोड़ रुपये लगाए जबकि आईपीओ खुलने से दो दिन पहले 4,815 करोड़ रुपये लगाए गए थे।
विज्ञापन
यह निवेश एसबीआई, बिड़ला, ब्लैकरॉक, जेपी मॉर्गन जैसे निवेशकों ने किया। इससे पता चलता है कि बेहतर कंपनियों में बड़े निवेशक जमकर पैसा लगा रहे हैं। बड़े आईपीओ में 5,421 करोड़ के मीशो में क्यूआईबी ने अपने हिस्से की तुलना में 123 गुना पैसा लगाया है। गैर संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई ने 39 गुना पैसा लगाया है। 3,600 करोड़ के टेनेको में क्यूआईबी ने 174 गुना और एनआईआई ने 42 गुना ज्यादा निवेश किया है। 6,000 करोड़ से ज्यादा जुटाने वाली ग्रो में क्यूआईबी ने 22 गुना और एनआईआई ने 14 गुना ज्यादा पैसा लगाया। महंगे मूल्य को लेकर सवालों में घिरे 7,278 करोड़ वाले लेंसकार्ट में क्यूआईबी ने 40 गुना और एनआईआई ने 18 गुना ज्यादा पैसा लगाया।
एक लाख करोड़ से ज्यादा होगा मूल्य
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल देश की पांचवीं फंड हाउस कंपनी होगी जो बाजार में सूचीबद्ध होगी। सूचीबद्ध होने के बाद इसका मूल्य 1.07 लाख करोड़ रुपये होगा। एसेट अंडर मैनेजमेंट के लिहाज से यह दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है जो 10 लाख करोड़ रुपये है। इसका शेयर बाजार में पहले से सूचीबद्ध इसकी प्रतिद्वंदी कंपनी एचडीएफसी म्यूचुअल फंड से भी सस्ता है। एचडीएफसी 45.5 गुना आय के मूल्य पर कारोबार कर रहा है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का मूल्य 40.4 गुना है। यानी यह 10 फीसदी सस्ता शेयर निवेशकों को मिल रहा है।