एड टेक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बायजू जो 1.2 अरब डॉलर के ऋण भुगतान मुद्दे और सभी तीन गैर-परिवारिक बोर्ड सदस्यों के इस्तीफे के बाद विवादों में है, अपने निवेशकों के साथ रचनात्मक बातचीत कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी को निवेशकों साथ जारी विवाद में त्वरित समाधान की उम्मीद है, इसके ग्लोबल जनरल काउंसल रोशन थॉमस ने हाल ही में एक बैठक में शेयरधारकों को यह आश्वासन दिया है। सीईओ बायजू रवींद्रन ने पिछले एक साल में चुनौतियों का सामना करने की बात स्वीकार करते हुए शेयरधारकों से कहा कि कंपनी और अधिक स्वतंत्र निदेशकों को जोड़ने पर विचार कर रही है।
बायजू ने 2022 का ऑडिट सितंबर व 2023 का ऑडिट दिसंबर तक पूरा करने की बात कही
बायजू के नए मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अजय गोयल ने मई 2023 में फर्म में शामिल होने के बाद बैठक में पहली बार शेयरधारकों को संबोधित किया और कहा कि ऑडिट पर उनका पहला ध्यान है। सूत्रों के अनुसार उन्होंने वित्त वर्ष 2022 के लिए ऑडिट को सितंबर के अंत तक और वित्त वर्ष 2023 के ऑडिट को दिसंबर के अंत तक समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है।
वित्तीय विवरण देने में देरी के कारण कंपनी के ऑडिट फर्म ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि बायजू की ओर से वित्तीय विवरण देने में देरी करने का कारण बताते हुए ऑडिट फर्म डेलॉयट ने इससे पहले बायजू के ऑडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था। उससे पहले सिकोइया कैपिटल (अब पीक एक्सवी पार्टनर्स) के जीवी रविशंकर, चैन जुकरबर्ग के विवियन वू और प्रोसस के रसेल ड्रेसेनस्टॉक ने कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दिया था। अब बोर्ड में सिर्फ बाजयू रवींद्रन, रिजू रवींद्रन व दिव्या गोकुलनाथ ही बचे हैं। डेलॉयट की ओर से कहा गया कि बायजू ने पिछले वित्त वर्ष के नतीजे जारी नहीं किए। रवींद्रन बायजू को पत्र लिखने के बाद ऑडिट नहीं हुआ। इसलिए वह इस्तीफा दे रही है।