आईटी कंपनी इंफोसिस ने 30 सितंबर को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के समेकित शुद्ध लाभ में 6.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़कर 7,823 करोड़ रुपये हो गया है, जो कंपनी के लिए एक मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
पिछले साल की समान अवधि में इंफोसिस का शुद्ध लाभ 7,364 करोड़ रुपये था। इस बार इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। परिचालन से कंपनी का समेकित राजस्व भी 10.2 फीसदी बढ़ा है। यह बढ़कर 49,244 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 44,490 करोड़ रुपये था।
यह वृद्धि कंपनी के मजबूत कारोबार और बाजार में उसकी पकड़ को दर्शाती है। इंफोसिस ने शुक्रवार को अपनी यह रिपोर्ट जारी की है। यह जानकारी पीटीआई समाचार एजेंसी द्वारा दी गई है।
कंपनी का शुद्ध लाभ कितना बढ़ा और क्यों?
इंफोसिस का समेकित शुद्ध लाभ दूसरी तिमाही में 6.2 फीसदी की दर से बढ़ा है। यह बढ़कर कुल 7,823 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 7,364 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। यह वृद्धि कंपनी के कुशल प्रबंधन और बढ़ती मांग का परिणाम मानी जा रही है।
परिचालन से राजस्व में कितनी वृद्धि हुई और इसका क्या अर्थ है?
कंपनी के परिचालन से समेकित राजस्व में 10.2 फीसदी की प्रभावशाली वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा बढ़कर 49,244 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान अवधि में यह राजस्व 44,490 करोड़ रुपये था। राजस्व में यह बढ़ोतरी कंपनी की सेवाओं की बढ़ती मांग और उसके कारोबार के विस्तार को स्पष्ट रूप से दिखाती है।
एसबीआई कार्ड का मुनाफा 75 फीसदी उछला, 778 करोड़ रुपये लाभ
एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड (एसबीआई कार्ड) ने सितंबर तिमाही वित्त वर्ष 2027 में अपने शुद्ध लाभ में 75 फीसदी की भारी वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर 778 करोड़ रुपये हो गया है। आय में सुधार और फंसे कर्ज में कमी आने से यह मजबूत वृद्धि संभव हुई।
देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा समर्थित इस विशेष क्रेडिट कार्ड कंपनी ने पिछले साल की समान तिमाही में 445 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। नियामक फाइलिंग में एसबीआई कार्ड ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कुल आय बढ़कर 5,302 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 5,136 करोड़ रुपये थी। ब्याज से आय 2,511 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि अन्य स्रोतों से आय में सुधार होकर 2,630 करोड़ रुपये रही।
क्या सुधरी कंपनी की संपत्ति गुणवत्ता?
कंपनी की संपत्ति गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है। 30 सितंबर, 2026 तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) सकल अग्रिमों का 1.90 फीसदी रह गईं। यह एक साल पहले 2.85 फीसदी थीं। शुद्ध एनपीए भी घटकर 0.77 फीसदी पर आ गए, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1.29 फीसदी थे।
खर्चों और पूंजी की पर्याप्तता का क्या रहा हाल?
फंसे कर्ज में कमी के परिणामस्वरूप, हानि और खराब ऋण खर्चों में 37 फीसदी की कमी आई है। सितंबर तिमाही में यह घटकर 819 करोड़ रुपये रह गए, जबकि एक साल पहले यह 1,293 करोड़ रुपये थे। कंपनी ने बताया कि पूंजी पर्याप्तता अनुपात भी सितंबर 2025 के अंत में 22.5 फीसदी से बढ़कर 26.5 फीसदी हो गया है।