सॉफ्टवेयर दिग्गज इंफोसिस ने बुधवार को अपनी मैसूर शाखा से कम से कम 30 से 45 प्रशिक्षुओं को नौकरी से निकाल दिया। खबरों के अनुसार, ये प्रशिक्षु कथित तौर पर कंपनी के आंतरिक मूल्यांकन मानकों को पूरा करने में विफल रहे। प्रभावित प्रशिक्षु, जो फाउंडेशन स्किल्स ट्रेनिंग प्रोग्राम का हिस्सा थे, उन्हें मॉक असेसमेंट और संदेह-समाधान सत्रों सहित अतिरिक्त तैयारी के लिए कई अवसर दिए गए थे। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद, वे उत्तीर्ण होने के मानदंडों को पूरा नहीं कर पाए, जिसके कारण उन्हें बाहर कर दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि बर्खास्तगी का यह फैसला कंपनी की ओर से फरवरी में करीब 350 प्रशिक्षुओं को नौकरी से निकाले जाने के थोड़े समय बाद ही आया है। इन प्रशिक्षुओं को नियुक्ति में काफी देरी का सामना करना पड़ा था, उन्हें काम पर रखे जाने से पहले 2.5 साल से अधिक समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ी थी। ताजा छंटनी ने कंपनी के प्रशिक्षण और मूल्यांकन प्रथाओं, विशेष रूप से इसके प्रवेश-स्तर की प्रक्रिया से जुड़ी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
अपने कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए जानी जाने वालीा इंफोसिस, आमतौर पर अपने नए कर्मचारियों के ऑनबोर्डिंग और कौशल विकास में महत्वपूर्ण संसाधनों का निवेश करती है। हालांकि, कंपनी के आंतरिक मूल्यांकन लगातार सख्त होते जा रहे हैं। और हाल ही में की गई छंटनियां इसी कारण से की गईं हैं। कंपनी ने ताजा छंटनी के बारे में फिलहाल कोई कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।