Inflation in Britain: बैंक ऑफ इंग्लैंड के डिप्टी गवर्नर राम्सडेन ने कहा है कि मुद्रास्फीति का असर अब ब्रिटेन में कंपनियों में कार्यरत लोगों के वेतन निर्धारण और उनके मूल्य निर्धारण की योजनाओं पर भी पड़ रहा है। यह स्थिति कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के बाद बाजारों के खुलने और रूस के यूक्रेन पर आक्रमण करने के कारण पैदा हुई।
ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में पैर जमाने वाले मुद्रास्फीति के दबाव से निपटने के लिए बैंक ऑफ इंग्लैंड (BOE) को अपने मौजूदा ब्याज दरों को (जो 14 वर्षों के उच्चतम स्तर पर है) को बढ़ाना पड़ सकता है। यह कहना है BOE के डिप्टी गवर्नर डेव रैम्सडेन की।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बैंक ऑफ इंग्लैंड के डिप्टी गवर्नर राम्सडेन ने कहा है कि मुद्रास्फीति का असर अब ब्रिटेन में कंपनियों में कार्यरत लोगों के वेतन निर्धारण और उनके मूल्य निर्धारण की योजनाओं पर भी पड़ रहा है। यह स्थिति कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के बाद बाजारों के खुलने और रूस के यूक्रेन पर आक्रमण करने के कारण पैदा हुई।
राम्सडेन ने कहा है कि ब्रिटेन में महंगाई दर बैंक ऑफ इंग्लैंड के लक्ष्य 2% के नीचे आने की उम्मीद है। यह फिलहाल 9% से ऊपर है और अगर मंदी आती है तो यह अक्टूबर के महीने में 13% तक की वृद्धि हो सकती है।