इंडसइंड बैंक की प्रमोटर कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) ने सोमवार (3 जुलाई) को बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 1500 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाने का फैसला किया है। बैंक की प्रमोटर कंपनी बैंक में अपनी हिस्सेदारी 15 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी करेगी। बता दें केंद्रीय बैंक आरबीआई ने इसी साल की शुरुआत में हिंदुजा समूह की इकाई आईआईएचएल को इंडसइंड बैंक में अपनी हिस्से 26 फीसदी बढ़ाने की सैद्धांतिक और सशर्त मंजूरी दी थी। हिंदुजा समूह ने वर्ष 1994 में इंडसइंड बैंक की स्थापना की थी। बैंक ने साल 1997 में आईपीओ के जरिए 30 मिलियन डॉलर जुटाए थे। मार्केट कैप के लिहाज से फिलहाल इंडसइंड बैंक प्राइवेट सेक्टर का देश का पांचवां सबसे बड़ा बैंक है।
फिलहाल इंडसइंड बैंक में प्रमोटर की है 15 प्रतिशत हिस्सेदारी
पोर्ट लुइस से जारी किए गए बयान में बताया गया कि मॉरीशस में पंजीकृत आईआईएचएल के निदेशक मंडल ने भारत में निजी क्षेत्र के बैंक में अपनी हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत करने का फैसला किया है। बता दें कि बीते 29 जून को संकटग्रस्त रिलायंस कैपिटल के ऋणदाताओं ने इंडसइंड बैंक की 9,661 करोड़ रुपये की संशोधित बोली स्वीकार कर ली थी।
आईआईएचएल के चेयरमैन- यह फैसला बैंक के लिए नए कारोबारी अवसर पैदा करेगा
आईआईएचएल ने नीलामी में सबसे ज्यादा 9,661 करोड़ रुपये नकद की पेशकश की थी। 99 प्रतिशत ऋणदाताओं ने इसके पक्ष में मत दिया था। बोली में रिलायंस कैप के पास मौजूद 500 करोड़ रुपये की नकदी भी ऋणदाताओं को दिए जाने की बात थी। इससे कुल वसूली 10,200 करोड़ रुपये बैठती है जो 16,000 करोड़ रुपये के मूल गारंटी वाले कर्ज का 65 प्रतिशत है। आईआईएचएल के चेयरमैन अशोक पी हिंदुजा ने बयान में कहा, ‘‘डेढ़ अरब डॉलर जुटाने का फैसला हमारे लिए देश और अन्य स्थानों पर बीएफएसआई क्षेत्र में कारोबारी अवसर पैदा करेगा।’’