इंडसइंड बैंक के निदेशक मंडल ने सीईओ सुमंत कठपालिया के इस्तीफे के बाद बैंक के परिचालन की निगरानी के लिए 'अधिकारियों की एक समिति' नियुक्त की है। बैंक ने बुधवार यह जानकारी दी। कठपालिया ने 1,960 करोड़ रुपये के वित्तीय गड़बड़ी मामले में डेरिवेटिव पोर्टफोलियो से जुड़ी लेखांकन चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 29 अप्रैल, 2025 से बैंक की सेवाओं से इस्तीफा दे दिया।
15 अप्रैल को इंडसइंड बैंक ने एक अन्य बाहरी एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर खुलासा किया था कि डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में लेखांकन चूक से उसके नेटवर्थ पर 1,979 करोड़ रुपये का नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बैंक ने डेरिवेटिव सौदों से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण दिसंबर 2024 तक अपनी नेटवर्थ पर 2.27 प्रतिशत का प्रतिकूल प्रभाव (कर-पश्चात आधार पर) का आकलन किया है।
यह घटनाक्रम 20 मार्च 2025 को बैंक के बोर्ड द्वारा नियुक्त एक पेशेवर फर्म द्वारा की गई स्वतंत्र जांच के बाद हुआ है। रविवार की रिपोर्ट में आंतरिक डेरिवेटिव व्यापारों के गलत लेखांकन की पहचान की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, विशेष रूप से जो सौदे समय से पूर्व समाप्त हुए उनसे जुड़े मामलों में काल्पनिक लाभ दर्ज किया गया। जो खातों में गड़बड़ी का मूल कारण है।
रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में प्रमुख कर्मचारियों की भूमिका और कार्यों की भी जांच की गई। इंडसइंड बैंक ने खुलासा किया था कि बोर्ड इन चूकों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने और वरिष्ठ प्रबंधन की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को फिर से पटरी पर लाने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है।
इंडसइंड बैंक के शेयर बुधवार को स्थिर रहे। एक दिन पहले ही बैंक के एमडी और सीईओ सुमंत कठपालिया ने डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में लेखांकन चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था। इससे बैंक को 1,960 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है।
बीएसई पर शेयर 0.14 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 838.45 रुपये पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 3.21 प्रतिशत गिरकर 810.40 रुपये पर आ गया। एनएसई पर कंपनी के शेयर मामूली 0.17 प्रतिशत बढ़कर 838.40 रुपये पर बंद हुए। इंट्रा-डे में शेयर 3.21 प्रतिशत गिरकर 810.05 रुपये पर बंद हुए।
बैंक के डिप्टी सीईओ अरुण खुराना ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया था। बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) गोविंद जैन ने जनवरी में ही इस चूक के सामने आने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।