भारत में किफायती विमानन सेवाएं देने वाली इंडिगो भारत में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी जल्द ही रिकॉर्ड 300 से ज्यादा ए320 नियो-फैमिली के विमानों का बड़ा ऑर्डर देने के करीब है। इस पर कम से कम 33 अरब डॉलर की लागत आने का अनुमान है।
घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इंडरग्लोब एविएशन की इंडिगो ऑर्डर को अंतिम रूप दे रही है, जिसमें एयरबस के नए नवेले जेट, सिंगल एस्ले ए320 का लॉन्ग रेंज वर्जन शामिल है जिसे ए321 एक्सएलआर कहा जाता है। इंडिगो ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सोमवार को ही एक प्रवक्ता ने कहा था कि फिलहाल ऑर्डर देने की कोई योजना नहीं है। एयरबस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं दी है।
यह सौदा इसलिए भी अहम है, क्योंकि ए320 नियो जेट विमानों के इंजन में खराबी की वजह से इंडिगो ने हाल में अब तक सबसे बड़ा तिमाही घाटा दर्ज किया था। हाल में सूचीबद्ध कीमतों के आधार पर 300 ए320 नियो-फैमिली के विमानों का सौदा 33 अरब डॉलर का हो सकता है। एक विमान मूल्य विशेषज्ञ के मुताबिक, छूट के बाद ऐसे सौदे आधी से भी कम कीमत के पड़ते हैं। एयरबस ने इस साल की शुरुआत में कीमतों का प्रकाशन बंद कर दिया था।
इंडिगो 2011 की शुरुआत में री-इंजन्ड ए320 निओ खरीदने वाली शुरुआती विमानन कंपनियों में शामिल थी। लगभग दो साल पहले एक अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी कंपनी इंडिगो पार्टनर्स ने रिकॉर्ड 430 जेट का ऑर्डर दिया था, जो चार विमानन कंपनियों की तरफ से दिया गया था। इस कंपनी का भारत की इंडिगो से कोई संबंध नहीं था। माना जा रहा है कि इंडिगो का यह ऑर्डर किसी एक कंपनी का सबसे बड़ा ऑर्डर होगा।
वर्ष 1997 में यूएस एयरवेज ने विभिन्न विकल्पों के साथ 400 एयरबस ए320 जेट का ऑर्डर दिया था, लेकिन इनमें से ज्यादातर की डिलिवरी नहीं हो सकी।