IndiGo-Turkish Airlines Codeshare: इंडिगो की योजना साफ है कि, वह इस्तांबुल रूट जारी रखना चाहती है, चाहे उसके लिए तुर्किश एयरलाइंस के विमानों का विकल्प खुद के एयरबस ए321 से ही क्यों न निकाला जाए। वहीं दोनों के बीच कोडशेयर साझेदारी भी फिलहाल जारी रहेगी।
भारत की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने साफ किया है कि वह तुर्किश एयरलाइंस के साथ अपनी कोडशेयर साझेदारी को जारी रखेगी। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि भले ही तुर्किश एयरलाइंस से लिए गए विमान की लीज खत्म हो रही है, फिर भी कंपनी इस्तांबुल के लिए उड़ानें जारी रखने के विकल्पों पर काम कर रही है।
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क्या है मामला?
इंडिगो ने मौजूदा समय में तुर्किश एयरलाइंस से दो बोइंग 777-300ईआर विमान डैम्प लीज पर लिए हुए हैं। इन विमानों से दिल्ली और मुंबई से इस्तांबुल के लिए सीधी उड़ानें चलाई जा रही हैं। लेकिन 30 मई को भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए ने इंडिगो को इन विमानों की डैम्प लीज के लिए अंतिम तीन महीने की मंजूरी दी है, जो 31 अगस्त को खत्म हो जाएगी। डीजीसीए का यह कदम ऐसे समय आया है जब तुर्की ने भारत की तरफ से पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई की आलोचना की थी।
'तुर्किश एयरलाइंस के साथ कोडशेयर साझेदारी जारी रहेगी'
मामले में इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने बताया कि कंपनी इस्तांबुल के लिए उड़ानें जारी रखने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है, जैसे कि ए321 विमान का उपयोग। उन्होंने कहा, 'हम इस्तांबुल के लिए उड़ानें जारी रखेंगे। हम इस पर कई विकल्पों को देख रहे हैं।' जब उनसे पूछा गया कि क्या तुर्किश एयरलाइंस के साथ कोडशेयर साझेदारी आगे भी जारी रहेगी, तो उन्होंने कहा, 'हां, हमारी साझेदारी जारी रहेगी। इसे रोकने की कोई वजह नहीं है।'
क्या होती है कोडशेयर साझेदारी?
कोडशेयर साझेदारी में एक एयरलाइन अपने यात्रियों को पार्टनर एयरलाइन की उड़ानों पर एक ही टिकट पर यात्रा करने की सुविधा देती है। इससे यात्रियों को ज्यादा रूट और कनेक्टिविटी मिलती है।
सप्लाई चेन की चुनौती अब भी बरकरार
पीटर एल्बर्स ने यह भी बताया कि कोविड के बाद से विमानन सेक्टर में सप्लाई चेन (उत्पादन और आपूर्ति) से जुड़ी समस्याएं अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। हालांकि इंडिगो ने विमानों की लीज बढ़ाकर और अन्य उपायों से इस स्थिति को संभाला है। बता दें कि, इंडिगो के पास 400 से अधिक विमान हैं। जबकि कंपनी रोजाना 2200 से ज्यादा उड़ानें संचालित करती है। वहीं इस्तांबुल रूट के लिए इस्तेमाल हो रहे दो बोइंग विमान अब सिर्फ 31 अगस्त तक उड़ान भर पाएंगे।