इंडिगो की सेवाओं में व्यवधान
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4 दिसंबर को इंडिगो की 300 से अधिक उड़ानें रद्द
अकेले 3 दिसंबर को 200 से ज्यदा उड़ानें रद्द होने की सूचना मिली। 4 दिसंबर को भी दोपहर तक ही 300 से अधिक उड़ान रद्द किए गए। नियामकीय आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में इंडिगो ने 1,232 उड़ानें रद्द कीं। रद्द की गई उड़ानों के अलावा, इंडिगो को हाल ही में अपनी धीमी सेवाओं, उड़ानों में देरी और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार के लिए भी कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। 'एक्स' प्लेटफॉर्म पर साझा की गई कुछ शिकायतों के अनुसार, यात्रियों से लगातार धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करने की अपेक्षा की गई, लेकिन कर्मचारियों का यात्रियों के साथ व्यवहार सही नहीं रहा।
एयरलाइन ने बताया- परिचालन में क्यों हो रही परेशानी?
इंडिगो को वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 2,582 करोड़ रुपये का भारी घाटा हुआ है, जो पिछली तिमाही (अप्रैल-जून) में दर्ज किए गए 2,176 करोड़ रुपये के मुनाफे के बिल्कुल विपरीत है। एयरलाइन के अनुसार, इस नुकसान का कारण मुद्रा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को बताया है। इसके चलते एयरलाइन को करीब 2,892 करोड़ रुपये का भारी 'फॉरेक्स लॉस' (विदेशी मुद्रा घाटा) झेलना पड़ा है, जो पिछले साल इसी अवधि में केवल 241 करोड़ रुपये था। एयरलाइन के अनुसार अगर यह स्थिति नहीं होती तो कंपनी 104 करोड़ रुपये के मुनाफे में होती।
हालांकि, एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय और परिचालन चुनौतियों- जैसे बढ़ती लागत और इंजन की समस्याओं- के बावजूद इंडिगो ने अपनी क्षमता में विस्तार जारी रखा है और अब यह पिछले साल की तुलना में 12.7% की वृद्धि के साथ साप्ताहिक 15,768 उड़ानें संचालित कर रही है, जो कंपनी के मौजूदा मिले-जुले प्रदर्शन को दर्शाता है।