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IndiGo Leadership: पीटर एल्बर्स के इस्तीफे के बाद राहुल भाटिया ने संभाली कमान, कर्मियों से कहा- 'मैं हूं ना'

Tue, 10 Mar 2026 10:06 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स के अचानक इस्तीफे के बाद सह-संस्थापक राहुल भाटिया ने एयरलाइन की कमान संभाल ली है। कर्मचारियों को लिखे पत्र में उन्होंने 'मैं हूं ना' कहकर भरोसा जताया और दिसंबर की अव्यवस्था पर खेद प्रकट किया। इंडिगो के भविष्य की रणनीति और पूरी खबर जानने के लिए यहां क्लिक करें।
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इंडिगो - फोटो : X-@IndiGo6E
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विस्तार
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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारीपीटर एल्बर्स ने मंगलवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह पिछले तीन साल से अधिक समय से इस पद पर कार्यरत थे। उनके अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद, एयरलाइन के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कंपनी के कामकाज की पूरी कमान अपने हाथों में ले ली है। नेतृत्व में इस बड़े बदलाव के बीच राहुल भाटिया ने कर्मचारियों को एक भावुक और जिम्मेदारी भरा संदेश भेजा है, जिसके अंत में उन्होंने 2004 की मशहूर बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्म के तर्ज पर खुद को 'राहुल उर्फ मैं हूं ना' कहकर संबोधित किया।

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दिसंबर की परिचालन बाधाओं और जवाबदेही का जिक्र
पीटर एल्बर्स का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब महज तीन महीने पहले एयरलाइन को भारी परिचालन बाधाओं का सामना करना पड़ा था। इस अव्यवस्था के कारण न केवल जनता में भारी रोष देखा गया था, बल्कि नियामक संस्थाओं ने भी सख्त कदम उठाए थे।

इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए भाटिया ने अपने पत्र में स्पष्ट किया, "पिछले साल दिसंबर में जो कुछ भी हुआ, वह कभी नहीं होना चाहिए था। हमारे ग्राहक इसके हकदार नहीं थे और न ही आप सभी, विशेष रूप से हमारे फ्रंटलाइन कर्मचारी, जिन्हें बिना किसी गलती के इस परेशानी का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ा।"
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कर्मचारियों और ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धता
अपने विस्तारित पदभार को ग्रहण करते हुए राहुल भाटिया ने कॉरपोरेट गवर्नेंस और परिचालन उत्कृष्टता को लेकर अपना दृष्टिकोण साफ किया। उन्होंने कहा, "मैं इंडिगो के कामकाज के प्रबंधन की अपनी विस्तारित भूमिका को जिम्मेदारी की गहरी भावना के साथ स्वीकार कर रहा हूं। यह जिम्मेदारी न केवल कंपनी के ग्राहकों और शेयरधारकों के प्रति है, बल्कि हर उस कर्मचारी के प्रति है जो इस एयरलाइन को चलाता है।"

उन्होंने फ्रंटलाइन कर्मचारियों के धैर्य की सराहना करते हुए कहा, "मैं अपने उन सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने गरिमा के साथ कंपनी का भार उठाया और इंडिगो की परिचालन अखंडता को बहाल करने के लिए रातों की नींद हराम की। आप वास्तव में इंडिगो की जीवित आत्मा हैं।" भाटिया ने आश्वस्त किया कि वह कंपनी की कार्य संस्कृति को मजबूत करने और ग्राहकों को बेहतरीन सेवा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

आंकड़ों की नजर में इंडिगो का बाजार में दबदबा
इस नेतृत्व परिवर्तन के बीच, व्यावसायिक दृष्टिकोण से इंडिगो भारतीय एविएशन सेक्टर की सबसे मजबूत और अग्रणी कंपनी बनी हुई है:

  • विशाल फ्लीट: कंपनी के पास वर्तमान में 400 से अधिक विमानों का विशाल बेड़ा है।
  • दैनिक संचालन: एयरलाइन रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानों का सफलतापूर्वक संचालन करती है।
  • बाजार हिस्सेदारी: जनवरी महीने के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी 63.6 प्रतिशत रही है।

आगे की राह
पीटर एल्बर्स के प्रस्थान के बाद, राहुल भाटिया के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता एयरलाइन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना और निवेशकों व ग्राहकों के विश्वास को और अधिक मजबूत करना होगा। 'मैं हूं ना' का संदेश इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रवर्तक संकट के समय कंपनी के मोर्चे पर सीधे तौर पर खड़े हैं।

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