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Indigo Crisis: दिन बीत रहे पर नहीं खत्म हो पा रहा इंडिगो संकट, दिल्ली-बंगलूरू में ही रद्द हुईं 160 उड़ानें

Fri, 12 Dec 2025 07:18 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indigo Crisis: एयरलाइन के दावों और नियामक की कार्रवाई के बीच इंडिगो संकट फिलहाल जारी है। शुक्रवार को केवल दिल्ली और बेंगलुरु से 160 उड़ानें रद्द होने की खबर है। डीजीसीए की ओर से कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है, पर हकीकत यह है कि यात्री अब भी परेशानी झेलने को मजबूत हैं। इस मामले में क्या है अपडेट जानिए विस्तार से।
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इंडिगो संकट - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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इंडिगो संकट फिलहाल थमता नहीं दिख रहा। बीते एक हफ्ते से चल रही अफरातफरी के बीच शुक्रवार को भी देश के केवल दो प्रमुख हवाई अड्डों से एयरलाइन की करीब 160 उड़ानों के रद्द होने की खबर है। इस बीच एयरलाइन ने बताया है कि 12 दिसंबर को 2050 से अधिक उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है। 9 दिसंबर 2025 से परिचालन स्थिर हो गया है। समय पर उड़ानें इंडिगो के मानकों पर वापस आ गई हैं। नेटवर्क में सभी 138 गंतव्य जुड़े हुए हैं।

डीजीसीए ने लापरवाही के कारण की यह कार्रवाई

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन संकट गहराता जा रहा है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को भी एयरलाइन ने देश के दो प्रमुख हवाई अड्डों- दिल्ली और बेंगलुरु से लगभग 160 उड़ानें रद्द कर दीं। इस बीच, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कदम उठाए हैं और लापरवाही के आरोप में चार फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।

शुक्रवार को भी जारी रहा उड़ानों का रद्दीकरण

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को इंडिगो ने दिल्ली और बेंगलुरु से कुल 160 उड़ानें रद्द कीं। यह आंकड़ा चिंताजनक है क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को भी इन दोनों हवाई अड्डों से 200 से अधिक उड़ानें रद्द की गई थीं, इससे हजारों यात्री प्रभावित हुए थे। शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर कुल 105 उड़ानें रद्द हुईं, इनमें 52 प्रस्थान और 53 आगमन वाली उड़ानें शामिल हैं। वहीं, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कुल 54 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 31 आगमन और 23 प्रस्थान शामिल थे। एयरलाइन में चल रही यह उथल-पुथल मुख्य रूप से रोस्टरिंग सिस्टम की विफलता और पायलटों की कमी के कारण है, जो नए ड्यूटी नियमों के लागू होने के बाद से चरमरा गई है।

इंडिगो सीईओ और सीओओ की लगातार दूसरे दिन पेशी

इस संकट के समाधान और जवाबदेही तय करने की दिशा में डीजीसीए की ओर से गठित चार सदस्यीय जांच पैनल ने अपनी कार्यवाही तेज कर दी है। इंडिगो के शीर्ष प्रबंधन को शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन पैनल के समक्ष पेश होना पड़ा। इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स और मुख्य परिचालन अधिकारी इसिड्रे पोरक्वेरास (Isidre Porqueras) ने पैनल के तीखे सवालों का सामना किया। इस उच्च स्तरीय पैनल में संयुक्त महानिदेशक संजय ब्रह्मने, उप महानिदेशक अमित गुप्ता, वरिष्ठ फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर कपिल मांगलिक और एफओआई लोकेश रामपाल शामिल हैं। पैनल का असल मकसद एयरलाइन में व्यापक परिचालन बाधाओं के मूल कारणों की पड़ताल करना है। जांच के दायरे में मैनपावर प्लानिंग का आकलन, उतार-चढ़ाव वाले रोस्टरिंग सिस्टम की जांच और पायलटों के लिए 1 नवंबर से लागू हुए नए 'ड्यूटी पीरियड और रेस्ट नॉर्म्स' को लागू करने के लिए एयरलाइन की तैयारी शामिल है।

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