Biz Updates: इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एक सुदूर द्वीप में स्थित माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी ज्वालामुखी इस महीने की शुरुआत में फट गया था और इसके परिणामस्वरूप राख के बादल छा गए हैं। ये बादल उड़ान संचालन के लिए खतरा बन सकते हैं और इसके कारण, कई एयरलाइनों ने बाली के लिए अपनी सेवाएं रद्द कर दी हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
इंडिगो और एयर इंडिया ने इंडोनेशियाई द्वीप में ज्वालामुखी विस्फोट से उत्पन्न राख के कारण बुधवार को बाली के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दीं। इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एक सुदूर द्वीप में स्थित माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी ज्वालामुखी इस महीने की शुरुआत में फट गया था और इसके परिणामस्वरूप राख के बादल छा गए हैं। ये बादल उड़ान संचालन के लिए खतरा बन सकते हैं और इसके परिणामस्वरूप, कई एयरलाइनों ने बाली के लिए अपनी सेवाएँ रद्द कर दी हैं।
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इंडिगो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "#6ETravelAdvisory: #बाली में हाल ही में हुए ज्वालामुखी विस्फोट के कारण, इस क्षेत्र से आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, क्योंकि राख के बादल हवाई यात्रा को प्रभावित कर सकते हैं।"
एयरलाइन बेंगलुरू से बाली के लिए दैनिक उड़ान संचालित करती है। एक अधिकारी ने बताया कि एयर इंडिया ने अपनी बाली उड़ान रद्द कर दी है। यह दिल्ली से इंडोनेशियाई द्वीप के लिए हर दिन एक उड़ान संचालित करती है। यह सेवा विस्तारा द्वारा संचालित की जा रही थी, जिसका अब एयर इंडिया में विलय हो चुका है।
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वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आठ करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल, 74 प्रतिशत नई कर व्यवस्था में
आकलन वर्ष 2024-25 के लिए आठ करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किये गये हैं। इसमें से 74 प्रतिशत करदाताओं ने नई कर व्यवस्था का विकल्प चुना। साथ ही इस वर्ष लगभग 75 लाख अद्यतन आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किये गये हैं। इससे 8,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर प्राप्त हुआ है। सूत्र ने कहा कि अबतक आठ करोड़ से अधिक व्यक्तियों ने वित्त वर्ष 2023-24 में अर्जित आय के लिए आईटीआर दाखिल किया है। इनमें से 5.92 करोड़ से अधिक लोगों ने नई आयकर व्यवस्था को अपनाया है।नई कर व्यवस्था को 2023-24 से ‘एक डिफॉल्ट व्यवस्था’ के रूप में निर्धारित किया गया है। यानी करदाता ने अगर नई और पुरानी कर व्यवस्था में से कोई विकल्प नहीं चुना है तो वह स्वत: नई कर व्यवस्था में चला जाएगा। इसका आकलन वर्ष 2024-25 है। हालांकि, करदाता इसे आयकर रिटर्न दाखिल करते समय बदल सकते हैं।