एशिया-प्रशांत बाजारों में 20% वृद्धि
आय में संभावित नरमी के बावजूद एचएसबीसी निरंतर निवेशक विश्वास और नीतिगत सुधारों की रफ्तार का हवाला देते हुए आशावादी बना हुआ है। एशिया प्रशांत इक्विटी बाजारों में इस वर्ष अब तक 20 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसे मुख्य रूप से स्थानीय खुदरा निवेशकों का समर्थन प्राप्त है।
- एचएसबीसी चीन और हांगकांग पर ओवरवेट रुख बनाए हुए है। इसका मानना है कि 2026 तक एफटीएसई चीन 21 फीसदी और एफटीएसई हांगकांग 16 फीसदी रिटर्न दे सकता है।
कोरिया की घटी रेटिंग आसियान बाजार सुस्त
एचएसबीसी ने कोरिया की रेटिंग घटाकर अंडरवेट कर दी है। राजनीतिक अनिश्चितता के बीच आसियान बाजार सुस्त बने हुए हैं। हालांकि, जापान को अपनी कमजोर मुद्रा से लाभ हो रहा है, लेकिन उसके बाजार का मूल्यांकन ज्यादा हैं।
- एचएसबीसी ने कहा, कोरिया ताइवान जैसे अन्य एशियाई बाजारों में उथल-पुथल के बीच भारत एक शांत माहौल वाला बाजार बना हुआ है।
बैंक-वाहन शेयरों में मुनाफावसूली से सेंसेक्स 386 अंक टूटा, पूंजी 3.02 लाख करोड़ घटी
बैंक, वाहन और पूंजीगत वस्तुओं के शेयरों में मुनाफावसूली से घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और अमेरिकी एच-1बी वीजा शुल्क में वृद्धि से भी निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा है। सेंसेक्स 386.47 अंक टूटकर 81,715.63 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 494.26 अंक तक लुढ़क गया था। निफ्टी 112.60 अंक की गिरावट के साथ 25,056.90 पर बंद हुआ। सूचीबद्ध कंपनियों की पूंजी 3.02 लाख करोड़ घटकर 460.56 लाख करोड़ रुपये रह गई।
- सेंसेक्स की 30 में से 21 कंपनियों के शेयर गिरावट में बंद हुए। टाटा मोटर्स सर्वाधिक 2.67 फीसदी नुकसान में रहा।
- पावरग्रिड और एनटीपीसी समेत नौ कंपनियों के शेयरों में 1.63 फीसदी तक की तेजी रही।
- बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.85 फीसदी और स्मॉलकैप में 0.50 फीसदी की गिरावट रही। रियल्टी इंडेक्स सर्वाधिक 2.47 फीसदी नुकसान में।