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Year Ender: 2026 में भारतीय रिटेल सेक्टर का आउटलुक सकारात्मक, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजन

Thu, 25 Dec 2025 05:26 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय रिटेल उद्योग 2026 में मजबूत आधार और बेहतर मार्जिन के साथ प्रवेश करने को तैयार है। मांग का केंद्र अब महानगरों से टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर खिसक रहा है। डिजिटल विस्तार, नीतिगत समर्थन और बढ़ती उपभोक्ता अपेक्षाओं से ग्रोथ को बल मिलने की उम्मीद है।
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real estate - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पिछले वर्षों की चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय रिटेल उद्योग 2026 में मजबूत आधार और बेहतर मार्जिन के साथ प्रवेश करने को तैयार है। मांग का रुख अब बड़े महानगरों से हटकर टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर बढ़ रहा है। करीब 1.1 ट्रिलियन डॉलर के आकार के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिटेल बाजार बना हुआ है।

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डिजिटल इंटीग्रेशन, छोटे शहरों में विस्तार और मॉल डेवलपमेंट से रिटेल सेक्टर को नई रफ्तार मिल रही है। जीएसटी सुधार, आयकर राहत, अच्छे मानसून और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी जैसे नीतिगत कदमों से उपभोक्ता मांग में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही वैल्यू रिटेल और प्रीमियम उत्पादों का ट्रेंड 2026 में तेज ग्रोथ का रास्ता खोल सकता है।

हालांकि, उद्योग को बढ़ते किराए, ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों चैनलों में कड़ी प्रतिस्पर्धा, ओम्नी-चैनल एकीकरण की जटिलता, सप्लाई चेन की चुनौतियों और स्किल्ड टैलेंट की कमी जैसी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।
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2026 को लेकर आउटलुक सकारात्मक

डेलॉयट इंडिया के कंज्यूमर इंडस्ट्री लीडर आनंद रामनाथन के मुताबिक, 2026 के लिए रिटेल सेक्टर का आउटलुक बेहद आशावादी है। उन्होंने कहा कि जीडीपी ग्रोथ 6.4 से 6.7 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है, महंगाई काबू में है और उपभोक्ता भावना मजबूत बनी हुई है। ई-कॉमर्स की पहुंच छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक और गहरी होगी, जबकि क्विक कॉमर्स और सोशल कॉमर्स पारंपरिक मॉडल को चुनौती देते रहेंगे।

एक्सेंचर के आदित्य प्रियदर्शन ने कहा कि 2025 में भारत का रिटेल इकोसिस्टम ज्यादा औपचारिक और डिजिटल हुआ। उनके अनुसार, यह वर्ष 'भारत की उछाल' से परिभाषित हुआ, जिसमें टियर 2 और टियर 3 शहरों ने विकास में भाग नहीं लिया बल्कि उन्होंने इसका नेतृत्व किया।

रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) के सीईओ कुमार राजगोपालन का कहना है कि 2026 में रिटेल सेक्टर संतुलित लेकिन व्यापक ग्रोथ के साथ आगे बढ़ेगा। उपभोक्ता खर्च चयनात्मक रहेगा, लेकिन त्योहारों और विशेष अवसरों पर खपत मजबूत बनी रहेगी।

वैल्यू रिटेल और टेक्नोलॉजी पर फोकस

वी-मार्ट के एमडी ललित अग्रवाल के मुताबिक, 2025 में प्रीमियम और ब्रांडेड रिटेल के लिए साल चुनौतीपूर्ण रहा, जबकि वैल्यू रिटेल ने बेहतर प्रदर्शन किया। 2026 में कपड़ा, फैशन और अन्य सेगमेंट्स में खपत बढ़ने से ग्रोथ को सहारा मिलने की उम्मीद है।

ईवाई इंडिया के पारेश पारेख का मानना है कि उद्योग अब प्राइसिंग-ड्रिवन ग्रोथ से निकलकर वॉल्यूम-ड्रिवन रिकवरी के शुरुआती दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां एआई आधारित निर्णय-प्रणालियां अहम भूमिका निभाएंगी।

कुल मिलाकर, विशेषज्ञों की राय में 2026 भारतीय रिटेल सेक्टर के लिए तकनीक, उपभोक्ता-केंद्रित रणनीतियों और ऑपरेशनल दक्षता का साल होगा, जिसमें छोटे शहरों की बढ़ती भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।

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