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जमीन अधिग्रहण के लिए राज्यों को नकदी के बदले लेटर ऑफ क्रेडिट जारी करेगा रेलवे

Sat, 15 Dec 2018 11:17 AM IST
paliwal पालीवाल शिशिर चौरसिया, अमर उजाला
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- फोटो : amar ujala
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रेलवे से संबंधित परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान अब रेलवे के लिए वित्त प्रबंधन का काम आसान हो गया है। इसके लिए रेलवे ने एक ऐसा तरीका ढूंढ निकाला है, जिससे भूमि अधिग्रहण में होने वाली देरी के दौरान इसके पैसे नहीं फंसे रहेंगे।

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दरअसल, रेल मंत्रालय ने अब इस कार्य के लिए नकदी के बदले लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) देने का फैसला लिया है। इससे रेलवे के हजारों करोड़ रुपये का उपयोग उसकी अन्य परियोजनाओं में हो सकेगा।

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि परियोजना संबंधी जरूरतों के लिए विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे द्वारा जमीन अधिग्रहण का कार्य लगभग हर राज्य में चलता ही रहता है। चूंकि जमीन अधिग्रहण का मामला राज्य का है, इसलिए इस कार्य केलिए राज्यों के जिला प्रशासन को पूरी राशि पहले ही दे दी जाती है।
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लेकिन जमीन अधिग्रहण के कार्य में होने वाली अतिशय देरी की वजह से राशि यूं ही पड़ी रहती है। नियमानुसार यदि राज्य के पास इसका पैसा नहीं पहुंचता है, तो वह प्रक्रिया शुरू नहीं करते हैं। इसलिए इसका एक तरीका ढूंढा गया है, जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाए और रेलवे का पैसा भी तत्काल खाते से न निकले।

भुगतान के दौरान भुनाई जा सकेगी एलसी

अधिकारी का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के लिए राज्यों के पास रेलवे के हजारों करोड़ रुपये यूं हीं वर्षों तक पड़े रहते हैं। अब उन्हें शुरू में ही नकदी भेजने के बजाए संबंधित राशि का लेटर ऑफ क्रेडिट भेजा जाएगा।

इससे राशि रेलवे के खाते में ही रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग अन्य जरूरी परियोजनाओं में हो सकेगा। राज्य में अधिग्रहण की प्रक्रिया जब पूरी हो जाएगी और किसानों को भुगतान करना होगा, तब प्रशासन एलसी भुना सकेगा।

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निजी क्षेत्र में एलसी से होता है काम

- फोटो : amar ujala
निजी क्षेत्र के अधिकतर काम एलसी के मार्फत होते हैं। यह इतना भरोसेमंद साधन है कि आयात-निर्यात तक के लिए अग्रिम राशि भेजने के बजाए एलसी दिया जाता है। इस प्रणाली में रेलवे चाहे तो वाणिज्यिक बैंक से एक महीना, छह महीने, साल भर या इससे भी ज्यादा अवधि केलिए एलसी जारी करा सकता है।

आमतौर पर निजी कंपनियों के लिए एलसी जारी करने के लिए बैंक एक तयशुदा शुल्क तो लेते ही हैं, बल्कि कुछ राशि भी जमा कराते हैं। लेकिन सरकार का काम होने की वजह से रेलवे को यह सुविधा फ्री में भी मिल सकती है।

वित्त मंत्रालय से मिल चुकी है हरी झंडी

रेलवे ने नकदी हस्तांतरण के बदले एलसी जारी करने के फार्मूले पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय को भी विश्वास में लिया है। इस पर वित्त मंत्रालय की हरी झंडी है, इसलिए इस पर किसी राज्य को कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद बीते अगस्त में ही इस बारे में रेलवे ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को सूचित कर दिया था।

यात्री सुविधाओं को मिलेगी तवज्जो

अधिकारी के अनुसार जब भूमि अधिग्रहण मद में हजारों करोड़ रुपये की राशि रेलवे को कुछ समय के लिए मिलेगी, तो यात्री सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं को पैसे की तंगी का सामना नहीं करना होगा। ऐसी परियोजनाएं महज कुछ करोड़ रुपये के कारण कई सालों तक चलती रहती हैं। अब यह शीघ्र पूरी हो सकेंगी।
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