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भारतीय रेल: लॉकडाउन और कोरोना के बावजूद बढ़ी रेलवे की बढ़ी माल ढुलाई

Sat, 13 Mar 2021 02:58 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने बताया, रेलवे ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 12 मार्च तक इससे पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले माल ढुलाई के आंकड़े को पार कर लिया है। कोरोना वायरस महामारी को देखते हुये यह रेलवे के लिये बड़ी उपलब्धि है।
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माल गाड़ी - फोटो : PTI (File Photo)
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विस्तार
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कोरोना महामारी के दौरान भारतीय रेलवे माल ढुलाई में सर्वाधिक पसंदीदा परिवहन बनकर सामने आया है। रेलवे की माल ढुलाई पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ज्यादा रही है। अन्य वस्तुओं की ढुलाई बढ़ने से कोयले, पेट्रोलियम, तेल, और लुब्रिकेंट्स की ढुलाई घटी है। वहीं लोहा, सीमेंट, अनाज, उर्वरक और कंटेनर की ढुलाई बढ़ी है।

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रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, रेलवे ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 12 मार्च तक इससे पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले माल ढुलाई के आंकड़े को पार कर लिया है। कोरोना वायरस महामारी को देखते हुये यह रेलवे के लिये बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2020 के दौरान कोरोना वायरस महामारी के कारण रेलवे परिवहन बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। यह हमारे लिए बड़ा प्रोत्साहन है और इससे साबित होता है कि रेलवे किस प्रकार लगातार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये एक अग्रणी निकाय बनी हुई है।

उन्होंने कहा, हमने 2020-21 में 114 करोड़ 56 लाख 80 हजार टन माल की ढुलाई की, जबकि पिछले वर्ष ये आंकड़ा 114 करोड़ 56 लाख 10 हजार टन था। यह आंकड़ा कोराना वायरस महामारी के बावजूद हासिल किया गया है, जिसकी वजह से अप्रैल से जुलाई के दौरान हम सात करोड़ टन के घाटे में चले गये थे।
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उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे द्वारा माल ढुलाई को आकर्षक बनाने के लिए कई रियायतें और छूट आगे भी जारी रहेगी। वहीं जोनल और मंडल स्तर पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स और माल ढुलाई की गति को दोगुना करने का भी रेलवे प्रयास कर रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने इस पूरी सफलता का श्रेय रेलवे के कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा कि मंडल स्तर पर कर्मचारियों द्वारा किये गये प्रयासों से ही रेलवे को माल ढुलाई बढ़ाने में सफलता मिली है।

रेल मंत्रालय के आकड़े के अनुसार, वर्ष 2020 में 55.395 टन कोयले की ढुलाई हुई थी, इस वर्ष 50.296 टन हुई है। वर्ष 2020 में कच्चा लोहा व स्टील की 5.107 टन ढुलाई हुई थी, जबकि इस वर्ष 5.481 टन ढुलाई हुई है। इसी तरह सीमेंट और क्लिंकर की बीते वर्ष 10.618 टन ढुलाई हुई थी। जबकि इस वर्ष 11.091 टन ढुलाई हुई है। पेट्रोलियम और लुब्रिकेंट्स की पिछले साल 4.228 टन ढुलाई हुई थी जो इस वर्ष 4.037 टन ही हो पाई है।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 में भारतीय रेलवे के 1,10,055 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। इसमें 1,07,100 करोड़ रुपये केवल पूंजीगत व्यय के लिए है।

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